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MEA: यमन में मौत की सजा से जूझ रही निमिषा प्रिया मामले में ग्रैंड मुफ्ती के दावे गलत, सरकार ने किया खंडन

Wed, 30 Jul 2025 08:06 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यमन में मौत की सजा का सामना कर रही केरल की नर्स निमिषा प्रिया की सजा रद्द होने के दावे को सरकारी सूत्रों ने गलत बताया है। ग्रैंड मुफ्ती एपी अबूबकर मुसलियार द्वारा किए गए इस दावे का खंडन करते हुए कहा गया कि मामले में गलत अफवाहें न फैलाएं। 

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भारतीय नर्स निमिषा प्रिया। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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यमन में मौत की सजा का सामना कर रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया के बारे में केरल के एक मौलवी द्वारा किए गए दावे गलत पाए गए हैं। सरकारी सूत्रों ने बुधवार को स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी तरह की गलत सूचना या अफवाह से बचना जरूरी है। मामले में केरल के कंठपुरम के ‘ग्रैंड मुफ्ती’ एपी अबूबकर मुसलियार ने सोमवार को दावा किया था कि प्रिया की मौत की सजा वापस ले ली गई है। लेकिन सूत्रों ने कहा कि इस तरह की रिपोर्टें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस संवेदनशील मामले में अनजाने में गलत खबरें न फैलाएं।

बता दें कि निमिषा प्रिया, जो केरल के पलक्कड़ जिले के कोल्लेंगोडे की रहने वाली हैं, यमन में एक नागरिक की हत्या के आरोप में दोषी पाई गई हैं। जुलाई 2017 में हुई इस घटना के बाद यमन की अदालत ने 2020 में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। उनकी अपील यमन की सर्वोच्च न्यायिक परिषद में नवंबर 2023 में खारिज हो चुकी है।

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16 जुलाई को होनी थी फांसी
प्रिया की फांसी 16 जुलाई को होनी थी, लेकिन भारत सरकार के हस्तक्षेप से इसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। वे यमन की राजधानी सना में उस जेल में बंद हैं, जो ईरान समर्थित हूती समूह के नियंत्रण में है। विदेश मंत्रालय ने 17 जुलाई को कहा कि वे यमन के अधिकारियों और कुछ मित्र देशों के साथ मिलकर प्रिया के मामले में ‘पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान’ खोजने की कोशिश कर रहे हैं।
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सऊदी अरब स्थित भारतीय मिशन के अधिकारी कर रहे बातचीत

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इसके साथ ही मामले में यह भी बताया गया है कि यमन में भारत का कोई राजनयिक मिशन नहीं है। इस वजह से सऊदी अरब स्थित भारतीय मिशन के अधिकारी इस मामले की जांच और बातचीत कर रहे हैं। सरकारी सूत्रों ने साफ किया है कि इस मामले में अभी कोई बदलाव नहीं हुआ है और प्रिया की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।

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