यमन में मौत की सजा का सामना कर रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया के बारे में केरल के एक मौलवी द्वारा किए गए दावे गलत पाए गए हैं। सरकारी सूत्रों ने बुधवार को स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी तरह की गलत सूचना या अफवाह से बचना जरूरी है। मामले में केरल के कंठपुरम के ‘ग्रैंड मुफ्ती’ एपी अबूबकर मुसलियार ने सोमवार को दावा किया था कि प्रिया की मौत की सजा वापस ले ली गई है। लेकिन सूत्रों ने कहा कि इस तरह की रिपोर्टें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस संवेदनशील मामले में अनजाने में गलत खबरें न फैलाएं।
बता दें कि निमिषा प्रिया, जो केरल के पलक्कड़ जिले के कोल्लेंगोडे की रहने वाली हैं, यमन में एक नागरिक की हत्या के आरोप में दोषी पाई गई हैं। जुलाई 2017 में हुई इस घटना के बाद यमन की अदालत ने 2020 में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। उनकी अपील यमन की सर्वोच्च न्यायिक परिषद में नवंबर 2023 में खारिज हो चुकी है।