फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Wayanad Landslide: हर एक को खोज निकालने की कवायद; लोगों को ढूंढने के लिए जीपीएस-मोबाइल डेटा की ली जा रही मदद

Fri, 02 Aug 2024 11:26 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वायनाड

सार

तलाशी छेत्र में रहने वाले सभी लोगो के लास्ट लोकेशन समेत मोबाइल फोन डेटा का इस्तेमाल उन स्थानों की पहचान करने के लिए किया गया था जहां बचाव अभियान चलाया जा सकता है। कलेक्टर ने कहा, हमने इन डेटा को असभी टीमों को दिया, जिससे की तलाशी अभियान तेजी से आगे बढ़े।
विज्ञापन
वायनाड में भूस्खलन के बाद का मंजर। - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केरल के वायनाड में भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या 300 के करीब पहुंच गई है। इस घटना के चौथे दिन भी मलबे में दबे शवों को बाहर निकालने के लिए तलाशी अभियान जारी है। केरल के एडीजीपी (कानून व्यवस्था) के अनुसार, 300 लोग अब भी लापता हैं।
विज्ञापन


वायनाड जिला कलेक्टर ने शुक्रवार को बताया कि एरियल ड्रेन पिक्चर्स और सेल फोन के जीपीएस की का इस्तेमाल उन स्थानों की पहचान करने के लिए किया गया है जहां खोज और बचाव कार्य किया जा सकता है। वायनाड कलेक्टर मेघाश्री डीआर ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि सबसे प्रभावित क्षेत्रों में मुंडक्कई और चूरलमाला को उन छह क्षेत्रों में शामिल किया गया है, जहां लोगों को निकालने के लिए बचाव के लिए बचावकर्मियों की 40 टीमों को तैनात किया गया है। उन्होंने आगे बताया की ड्रोन से एरियल फोटोग्राफ्स लिया गया और कुछ इलाकों की तलाश के लिए जीपीएस का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

तलाशी छेत्र में रहने वाले सभी लोगो के लास्ट लोकेशन समेत मोबाइल फोन डेटा का इस्तेमाल उन स्थानों की पहचान करने के लिए किया गया था जहां बचाव अभियान चलाया जा सकता है। कलेक्टर ने कहा, हमने इन डेटा को असभी टीमों को दिया, जिससे की तलाशी अभियान तेजी से आगे बढ़े।
विज्ञापन


बचाव कर्मियों की 40 टीमें भूस्खलन से प्रभावित छह क्षेत्रों अट्टामाला और अरनमाला, मुंडक्कई, पुंचिरीमट्टम, वेल्लारीमाला गांव, जीवीएचएसएस वेल्लारीमाला और नदी तट पर तलाशी अभियान चलाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें