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कपिल सिब्बल का बड़ा आरोप: न्यायपालिका पर कब्जा करने का प्रयास कर रही सरकार, धनखड़ के बयान पर दी ये प्रतिक्रिया

Sun, 15 Jan 2023 06:36 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूर्व कानून मंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी स्थित बनाने की पूरी कोशिश कर रही है, जिसमें एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट में दूसरे स्वरूप में एनजेएसी का परिक्षण किया जा सके। सिब्बल की यह प्रतिक्रिया उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की हालिया टिप्पणी के बाद आई है। 
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कपिल सिब्बल - फोटो : ANI
राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने रविवार को सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। सिब्बल ने कहा कि सरकार न्यायपालिका पर कब्जा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी स्थिति बनाने की पूरी कोशिश कर रही है, जिसमें एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट में दूसरे स्वरूप में राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) का परीक्षण किया जा सके। 
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court Order
सिब्बल ने केशवानंद भारती फैसले के सिद्धांतों को बताया अहम
74 वर्षीय नेता सिब्बल ने केशवानंद भारती के फैसले के बुनियादी ढांचे के सिद्धांत को बहुत अहम बताया और कहा कि सरकार को चुनौती दी कि वह खुले तौर पर यह कहे कि यह फैसला त्रुटिपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि सरकार इस तथ्य से सामंजस्य नहीं बैठा पा रही है कि उसके पास न्यायपालिका में नियुक्तियों में उसकी बात अंतिम नहीं है। 
 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : Social Media
'दूसरे स्वरूप में एनजेएसी का परिक्षण करने के लिए स्थिति बना रही सरकार'
एक इंटरव्यू में पूर्व कानून मंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी स्थित बनाने की पूरी कोशिश कर रही है, जिसमें एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट में दूसरे स्वरूप में एनजेएसी का परिक्षण किया जा सके। सिब्बल की यह प्रतिक्रिया उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की हालिया टिप्पणी के बाद आई है। 

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Vice President Jagdeep Dhankhar - फोटो : @
उपराष्ट्रपति ने कॉलेजियम प्रणाली पर दी थी ये प्रतिक्रिया
धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा एनजेएसी को रद्द करने के फैसले की आलोचना की थी। उपराष्ट्रपति ने 1973 के केशवानंद भारती मामले के ऐतिहासिक फैसले पर भी सवाल खड़े किए थे और कहा था कि इस फैसले ने एक गलत मिसाल कायम की और वह सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से असहमत हो सकते हैं कि संसद संविधान में संशोधन कर सकती है, लेकिन मूल संरचना में नहीं। 
   
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सु्प्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
एनजेएसी अधिनियम को सुप्रीम कोर्ट ने बताया था असंवैधानिक
सुप्रीम कोर्ट ने साल 2015 में एनजेएसी अधिनियम को असंवैधानिक करार दिया था, जिसका उद्देश सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति की कॉलेजियम प्रणाली को बदलना था। धनखड़ की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया पूछने पर सिब्बल ने कहा, जब एक उच्च संवैधानिक प्राधिकारी और कानून के जानकार व्यक्ति इस तरह की टिप्पणी करते हैं, तो सबसे पहले यह सवाल पूछना चाहिए कि क्या वह व्यक्तिगत राय रख रहे हैं या सरकार की ओर से बोल रहे हैं। 
 
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कपिल सिब्बल - फोटो : PTI
धनखड़ की टिप्पणी पर सिब्बल ने कही ये बात
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, इसलिए मुझे नहीं पता कि वह किस हैसियत से बोल रहे हैं, सरकार को इसकी पुष्टि करनी होगी। अगर सकरकार सार्वजनिक रूप से कहती है कि वह उनके विचारों से सहमत है तो इसका एक अलग अर्थ है। 
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