9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ को मोदी सरकार खास अंदाज में मनाएगी। इस दिन संसद के दोनों सदनों में विधायी कार्य की जगह इस आंदोलन के बहाने आजादी की लड़ाई पर दिन भर चर्चा होगी।
चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सरकार और विपक्ष के सभी दिग्गज नेता शिरकत करेंगे। इस दिन संसद भवन को स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस की तर्ज पर सजाया जाएगा। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक इस आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए उस दिन विधायी कार्य के अतिरिक्त प्रश्नकाल और शून्य काल का भी आयोजन नहीं होगा।
कार्यवाही की शुरुआत ही इस आंदोलन पर चर्चा से होगी। लोकसभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तो राज्यसभा में सदन के नेता अरुण जेटली चर्चा की शुरुआत करेंगे। इस दौरान पीएम समापन भाषण देंगे। चर्चा में मुलायम सिंह यादव, मल्लिाकर्जुन खड़गे, सीताराम येचुरी, गुलाम नबी आजाद, पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा, शरद यादव, रामगोपाल यादव जैसे कई अन्य सियासी दिग्गज भी शिरकत करेंगे।
दोनों सदनों में होने वाली चर्चा द्वितीय विश्वयुद्घ के दौरान शुरू इस इस आंदोलन पर केंद्रित होगी। इस दौरान चर्चा आजादी मिलने के बाद देश के लिए देखे गए सपने, आजादी के पहले स्वतंत्रता आंदोलन में आए उतार चढ़ाव और महत्वपूर्ण मोड़ों पर केंद्रित होगी। भारत छोड़ो आंदोलन की ऐतिहासिक 75वीं वर्षगांठ पर होने वाली चर्चा में सभी दलों ने सांसदों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने केलिए कहा है।