फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सभी से टैक्स वसूले सरकार, नहीं तो करेंगे आंदोलन: रामदेव

Mon, 21 Nov 2016 07:49 PM IST
शशिधर पाठक/ अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
baba ramdev
विज्ञापन
योगगुरु बाबा रामदेव ने कालाधन के खिलाफ मुहिम चला रखी है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में बाबा रामदेव ने अमर उजाला से विशेष बात की और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फैसले को सही ठहराया। प्रस्तुत है हमारे संवाददाता शशिधर पाठक से हुई बातचीत-
विज्ञापन


प्रश्न : सरकार ने 500 और 1000 के नोटों को चलन से अचानक वापस ले लिया है। आप इसे किस तरह से देखते हैं?
उत्तर : कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार का फैसला बिल्कुल सही है। हम फैसले का पूरी तरह से समर्थन करते हैं।

प्रश्न : सरकार के अचानक निर्णय लेने से जनता को भारी परेशानी हो रही है। राजनीतिक दल तथा कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं?
उत्तर : जनता को परेशानी जरूर हो रही है, लेकिन आम जनता सरकार के फैसले से खुश रही है। इसका विरोध वहीं कर रहे हैं, जिनके पास कालाधन है। उन्हें सरकार के फैसले से छटपटाहट हो रही है। जो भी लोग सरकार के निर्णय का विरोध कर रहे हैं, वे राष्ट्रविरोधी हैं।

प्रश्न : क्या इसका अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा?
उत्तर : नहीं, बस देखते जाइए। इससे अर्थ व्यवस्था सही रास्ते पर आगे बढ़ेगी।

प्रश्न: आप कालेधन पर रोक लगाने के लिए सरकार के कदम को तो सही बता रहे हैं, लेकिन प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं?
उत्तर : हां, सरकार का नीतिगत निर्णय सही है। प्रक्रिया में जरूर कमी रह गई। जिस तरह से इसे लागू किया गया और जिस आधी-अधूरी तैयारी से हुआ, वह सही नहीं है। इससे आम जनता को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन


प्रश्न : कैसी तैयारी और इसे कौन करता?
उत्तर : सरकार को थोड़ी तैयारी करनी चाहिए थी।
Trending Videos
विज्ञापन

हम नुकसान सह सकते हैं तो जनता क्‍यों नहीं?

प्रश्न : यानी सरकार ने बगैर पूरी तैयारी के ऐसा किया?
उत्तर : अचकचाते हुए....लेकिन सरकार तैयारी करती, एटीएम और बैंक में 100, 50, 20, 10 रुपये की करेंसी पहुंचाती तो लोगों को शक हो जाता। बाजारों में छोटी करेंसी आती तो लोग सावधान हो जाते। संदेह हो जाता तो बड़े लोग और बड़ी मछलियां पकड़ में न आती। वह पहले ही अपना कल धन बदल लेती।

प्रश्न : आपको नहीं लग रहा है कि पिछले दो जवाब आपस में ही विरोधाभाषी हैं?
उत्तर : फिर भी सरकार का निर्णय सही है और जल्द ही सब ठीक हो जाएगा।

प्रश्न : आम दुकानदार, कारोबारियों को बड़ा नुकसान हो रहा है। बाजार खाली हैं?
उत्तर : हमारे देश में पातंजलि के देशभर में मेगास्टोर हैं, 10 लाख से अधिक दुकानों पर हमारा समान मिलता है।  सरकार के निर्णय से हमें सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यदि हम राष्ट्रहित में इसे सह सकते हैं तो लोग क्यों नहीं?

प्रश्न : देश में तमाम छोटे दुकानदार, ढाबे, व्यापारी, बिचौलिए, कारोबारी ईमानदारी से टैक्स नहीं देते। पूरी आय को नहीं दिखाते। क्या आप सरकार से इन पर
टैक्स वसूलने का दबाव बनाएंगे?
उत्तर : हां, यह कमाते हैं तो इन्हें देश हित में ईमानदारी से टैक्स देना चाहिए।

प्रश्न : आपने कहा कि ईमानदारी से सरकार ने कालाधन नहीं वसूला तो आप आंदोलन चलाएंगे। क्या इन दुकानदारों, व्यापारियों, लोगों से टैक्स लेने के लिए ऐसा करेंगे?
उत्तर : हां,। सब काला धन के खिलाफ आंदोलन में शामिल है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें