फोरेंसिक साइंस उभरता क्षेत्र...अपराध रोकने में अहम भूमिका
शाह ने कहा, फोरेंसिक बिहेवियरल साइंस एक उभरता हुआ क्षेत्र है। अपराध रोकने में जितनी भूमिका कठोर प्रशासन और अच्छे न्यायतंत्र की होती है, उतनी ही बिहेवियरल साइंस की भी हो सकती है। ये मॉडस ऑपरेंडी ब्यूरो के एक चरण आगे का विचार है। अगर हम बिहेवियर की स्टडी अच्छे से कर उसे प्राथमिक शिक्षा में स्थान देते हैं, तो अपराधी को खड़ा होने से रोक सकते हैं। फॉरेंसिक साइंस आइसोलेशन में समाज की सेवा नहीं कर सकता, न्यायिक प्रक्रिया के सभी हितधारकों के साथ फोरेंसिक साइंस का इंटीग्रेशन किए बिना हमें इसका फायदा नहीं मिल सकता।
गृह मंत्री शाह ने कहा, फोरेंसिक साइंस का इस्तेमाल जांच, अभियोजन, न्याय प्रणाली के साथ अब इसे शिक्षा में अडॉप्ट कर एक स्टेप आगे जाने का समय आ गया है। रक्षात्मक, आगे का सोचने वाली और उत्पादक पुलिसिंग की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि क्षमता निर्माण और जांच में मदद के लिए एक डिजिटल फोरेंसिक एक्सीलेंस सेंटर का भी उद्घाटन हुआ है। गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत की आजादी के 10 वर्ष पूरे होंगे उस वक्त हर क्षेत्र में अग्रणी भारत के संकल्प को चरितार्थ करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किए गए सुधारों के आधार पर हमें आगे बढ़ना होगा। शाह ने कहा, आने वाले एक साल में देशभर में नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के नौ और कैंपस खुलेंगे।
चार चुनौतियां आपराधिक न्याय प्रणाली की
- बेसिक पुलिसिंग के सिद्धांत के साथ समझौता किए बगैर पूरी व्यवस्था में तकनीक को स्वीकार कर सबसे आधुनिक पुलिस व्यवस्था बनना।
- तकनीक के उपयोग से मानवीय उपस्थिति के महत्व को कम ना होने देना।
- हाइब्रिड और बहुआयामी खतरों को पहचानकर हमारे सिस्टम को इनसे बचाने के लिए नेटवर्क तैयार करना।
- आपराधिक न्याय प्रणाली को विश्व में सबसे आधुनिक बनाना और फोरेंसिंक की स्वीकार्यता को साहसिक स्वभाव बनाना।
न्याय मिलने की प्रक्रिया में प्रमुख समस्याएं
शाह ने कहा, हम इन चार चुनौतियों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। न्याय मिलने की प्रक्रिया में इसके उपलब्ध होने, इस तक पहुंच होने और इसे प्राप्त करने का सामर्थ्य प्रमुख समस्याएं हैं। इन तीनों का उपाय तकनीक में समाहित है। आज अपराध के स्वरूप, जरिये और तरीके हर रोज बदल रहे हैं। ऐसे में पुलिस को अपराध और अपराधियों से दो पीढ़ी आगे रहने की जरूरत है। शाह ने कहा, अपराधों को रोकने के लिए हमें तकनीक के नीति-नियमों में वैश्विक साम्यता लाने का भी प्रयास करना चाहिए।