वैट में कमी से राज्य सरकार 3500 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व की हानि वहन करेगी।
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सरकार ने गुरुवार को डीजल के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर को बढ़ाकर 7 रुपये प्रति लीटर और जेट ईंधन के निर्यात पर 2 रुपये प्रति लीटर कर दिया, लेकिन घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर लेवी को घटा दिया। तीसरे पखवाड़े की समीक्षा में सरकार ने डीजल के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर को 5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 7 रुपये प्रति लीटर कर दिया और एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) निर्यात पर 2 रुपये प्रति लीटर कर वापस लाया। वित्त मंत्रालय की एक अधिसूचना से यह जानकारी सामने आई है।
पिछले महीने सरकार ने एटीएफ निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर को समाप्त कर दिया था। साथ ही घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर कर 17,000 रुपये प्रति टन से घटाकर 13,000 रुपये प्रति टन कर दिया गया है।