इस्लामिक कट्टरपंथी उपदेशक जाकिर नाईक के प्रत्यर्पण के लिए भारत ने एक बार फिर मलेशिया से एक औपचारिक अनुरोध किया है। नाईक के मलेशिया से भारत में प्रत्यर्पण की कोशिश जुटी भारत सरकार ने पिछले साल भी मलेशिया को उसके प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध भेजा था, लेकिन उसे सफलता हाथ नहीं लगी थी।
एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकार मलेशिया सरकार के साथ इस मामले को उठा रही है। नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) नाईक के मामले की जांच कर रही है। जांच शुरू करने से पहले ही नायक भारत से भाग गया था।
एनआईए के अधिकारियों के अनुसार नाईक पिछले तीन साल से मलेशिया में है। भारत में उसके भाषण टीवी पर प्रसारित होते थे जिस पर अब प्रतिबंध लगा दिया गया है। ब्रिटेन और कनाडा ने उसे वीजा देने से इनकार कर दिया था जिसके बाद मलेशिया ने उसे स्थाई नागरिकता दे दी