Rajya Sabha: राज्यसभा की ओर से एक निजी सदस्य विधेयक पर विचार करने के लिए मंजूरी दी है, जो देश में मीडिया सेवाओं के लिए एक स्वतंत्र प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव करता है। इस विधेयक को भारतीय मीडिया सेवा (विनियमन और लाइसेंसिंग) विधेयक 2024 कहा जा रहा है।
राज्यसभा की ओर से एक निजी सदस्य विधेयक पर विचार करने के लिए मंजूरी दी गई है, जो देश में मीडिया सेवाओं के लिए एक स्वतंत्र प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव करता है। इस विधेयक को भारतीय मीडिया सेवा (विनियमन और लाइसेंसिंग) विधेयक 2024 कहा जा रहा है। इस विधेयक को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद वी. शिवदासन ने पेश किया है। उच्च सदन के एक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई।
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बुलेटिन के मुताबिक, सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव राज्य सभा के महा सचिव को सूचित किया कि राष्ट्रपति ने इस विधेयक पर विचार करने की सिफारिश की है। जिन निजी सदस्यत विधेयक में सरकारी खजाने से खर्च होने की संभावना होती है, उनके लिए राष्ट्रपति की मंजूरी हासिल करनी होती है। इसके बाद संबंधित मंत्रालय यह फैसला लेता है कि क्या ऐसे विधेयक पर राज्यसभा में चर्चा की जा सकती है या नहीं।
इस निजी सदस्य विधेयक में क्या है?
यह विधेयक एक स्वतंत्र निकाय 'भारतीय मीडिया सेवा बोर्ड' बनाने की बात करता है, जिसका काम मीडिया सेवाओं का नियमन और लाइसेंस जारी करना होगा। इस बोर्ड का मकसद देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष मीडिया सेवाओं को बढ़ावा देना होगा। विधेयक के मुताबिक, कानून बनने के बाद केंद्र सरकार को छह महीने के भीतर इस बोर्ड को स्थापित करना होगा। इस बोर्ड को मीडिया सेवाओं की देखरेख करने के लिए धन भी मुहैया किया जाएगा।
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विधेयक पर सांसद शिवदासन ने क्या कहा
इस विधेयक को लेकर शिवदासन ने कहा, स्वतंत्र मीडिया लोकतंत्र के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि यह जनता तक निष्पक्ष जानकारी पहुंचाता है। उन्होंने कहा, 'जब मीडिया लाइसेंस का अधिकार सरकार या प्रशासन के पास होता है, तो यह मीडिया को डराता है और मीडिया सरकार की आलोचना नहीं कर पाता। इसलिए एक स्वतंत्र और स्वायत्त निकाय की जरूरत है, जो मीडिया को स्वतंत्र रूप से काम करने की आजादी दे और बिना किसी दबाव के लाइसेंस जारी और कर सके।'