Digitalization: केंद्र सरकार ने कागजी लेखा-जोखा खत्म और कम करने की कवायद में एक बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि, सरकार की तरफ से सभी विभागों और मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि कर्मचारियों का ई-सर्विस बुक बनाएं।
केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों और विभागों को आदेश दिया है कि वे अब कर्मचारियों की डिजिटल (ई-सर्विस) सर्विस बुक बनाए रखें और धीरे-धीरे कागजी सर्विस बुक को खत्म करें। यह जानकारी कार्मिक मंत्रालय ने दी है।
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क्या होती है सर्विस बुक?
सरकारी कर्मचारी की सर्विस बुक एक ऐसा दस्तावेज होता है जिसमें उसकी पूरी नौकरी के दौरान हुई सभी अहम जानकारियां दर्ज होती हैं। इसमें भर्ती से लेकर सेवानिवृत्ति तक का पूरा रिकॉर्ड होता है—जैसे कि पदोन्नति, स्थानांतरण, अवकाश, वेतन में बदलाव आदि।
क्या किया गया है बदलाव?
अब यह फैसला लिया गया है कि कर्मचारियों की सर्विस बुक ई-एचआरएमएस 2.0 पोर्टल पर डिजिटल रूप में ही बनाई और रखी जाएगी। मंत्रालय ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे ई-एचआरएमएस 2.0 प्लेटफॉर्म पर ही ई-सर्विस बुक तैयार करें और फिजिकल फाइलों को बंद करें।
ई-सर्विस बुक को वैधानिक मान्यता
आदेश में कहा गया है कि जब तक ई-एचआरएमएस पोर्टल पर डेटा पूरी तरह से और सही-सही दर्ज नहीं हो जाता, तब तक पुरानी कागज की सर्विस बुक भी साथ-साथ रखी जाएगी। लेकिन एक बार डेटा पूरी तरह अपलोड हो जाए और सही साबित हो जाए, तब सिर्फ डिजिटल सर्विस बुक ही वैध मानी जाएगी।
इसका फायदा क्या होगा?
सरकारी रिकॉर्ड डिजिटल और सुरक्षित रहेंगे। इसके साथ ही कर्मचारियों को अपने रिकॉर्ड ऑनलाइन देखने में आसानी होगी। वहीं सभी विभागों को डेटा मैनेज करना और स्थानांतरण के समय रिकॉर्ड ट्रांसफर करना आसान होगा। केंद्र सरकार का यह कदम डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक और अहम कदम है। इससे पारदर्शिता, समय की बचत और सुविधा तीनों बढ़ेंगी।