सरकार देश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। 15 अगस्त को इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घोषणा कर सकते हैं। इसके तहत 10 हवाई अड्डों पर दुभाषिए और विशेष डेस्क के साथ एक बहुभाषी पोर्टल की भी शुरुआत हो सकती है। इन हवाई अड्डों में दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, चेन्नई, कोलकाता, विशाखापट्टनम, कोच्चि, अहमदाबाद, हैदराबाद और गुवाहाटी हैं। इन हवाई अड्डों पर ही ज्यादा विदेशी मरीज आते हैं।
मेडिकल टूरिज्म के लिए वीजा नियमों को भी आसान बनाया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय विदेशी मरीजों की आसानी के लिए इसके पहलुओं और उपायों को अंतिम रूप देने में जुटा है। एक अनुमान के अनुसार, चिकित्सा पर्यटन बाजार 2020 में भारत में छह अरब डॉलर का था। 2026 तक इसके दोगुना बढ़कर 13 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से एक बहुभाषी पोर्टल विकसित किया है। यह पोर्टल विदेशी मरीजों के लिए एक इंटरफेस के साथ चिकित्सा यात्रा सुविधाकर्ताओं और अस्पतालों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए वन स्टॉप शॉप होगा।
जहां से उपचार के लिए आते हैं ज्यादा मरीज
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने ऐसे 44 देशों की पहचान की है, जहां से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए भारत आते हैं। इन देशों में इलाज की लागत और गुणवत्ता को ध्यान में रखकर इस योजना को तैयार किया जा रहा है। इन देशों में मुख्य रूप से अफ्रीका, सार्क और खाड़ी देश हैं। पोर्टल अस्पतालों के वर्गीकरण और आधुनिक प्रणालियों सहित दवाओं की विभिन्न प्रणालियों के आधार पर मानकीकृत पैकेज दरों को भी प्रदर्शित करेगा।