दवा की कीमत पर अंकुश लगाने की तैयारी के बाद पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक जांच के लिए मनमाने दाम वसूलने पर भी सरकार लोगों को बड़ी राहत देने जा रही है। मेडिकल जांच के नाम पर मरीजों को लूटने का खेल बंद करने के लिए सरकार इनकी कीमत तय करने जा रही है।
पैथलैब और उपकरण निर्माता कंपनियों में मची खलबली
सरकार के इस कदम ने चिकित्सीय उपकरण बनाने वाली कंपनियों में खलबली मचा दी है। कंपनियां इस फैसले को बेबुनियाद बताने में जुटी हैं, लेकिन सरकार ने अपना रुख एकदम साफ कर दिया है। अक्सर देखने में आता है कि अगर किसी लैब में मरीज का टेस्ट 100 रुपये में हो रहा है, तो वही टेस्ट दूसरी लैब में 300 से 500 रुपये में होता है।
विश्वसनीयता के नाम पर मरीजों से ज्यादा कीमतें वसूली जाती हैं। इस गोरखधंधे के खिलाफ नीति आयोग और स्वास्थ्य मंत्रालय ने काम शुरू कर दिया है। 12 मार्च को बैठक में इस पर फैसला हो सकता है।