धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े से ग्राहकों को जागरूक करने के लिए केंद्र सरकार अब दोगुना खर्च करेगी। इसमें राज्यों को दोगुना और अनुसूचित जाति, जनजाति तथा आदिवासी क्षेत्रों को अतिरिक्त कोष का आवंटन किया जाएगा। इसमें कंपनियों द्वारा ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में जारी किए जाने वाले विज्ञापनों में भ्रामक जानकारी के खिलाफ शिकायत की व्यवस्था भी शामिल होगी। सरकार ने नीति आयोग द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर जागो ग्राहक जागो मुहिम को तेज करने का निर्णय लिया है।
उपभोक्ता मंत्रालय द्वारा राज्य सरकारों को सालाना चार की जगह 8 करोड़ रुपया मुहिम की व्यवस्थाओं को बेहतर करने को दिया जाएगा। राज्यों की जिम्मेवारी धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के प्रति ग्राहकों को जागरुक करने के लिए होगी। इसके लिए वह मोबाइल पर संदेश, रेडियों के जरिए सूचना और सार्वजनिक सूचना विशिष्ट मामलों में तत्काल जारी करेंगे।
राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार यह काम बैंकिंग, एफएमसीजी, इलेक्ट्रॉनिक और निर्माण क्षेत्र के मुद्दों पर जारी करेगी। नापतौल में गड़बड़ियों के लिए दोनों के द्वारा ग्राहकों को जागरुक किया जाएगा। मंत्रालय के मुताबिक अनुसूचित जाति, जनजाति और आदिवासी क्षेत्रों के लिए भी सरकार द्वारा 8.81 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च तय किया गया है। मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक हाल ही में जागो ग्राहक जागो अभियान की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है, जो नीति आयोग द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर लिए गए हैं। इसमें डिजिटल तरीकों से ग्राहकों को जागरुक किया जाना भी शामिल है।