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पराली जलाने के मामले में केंद्र और पंजाब सरकार आमने-सामने 

Sun, 18 Nov 2018 04:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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parali
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पराली जलाने के मामले में केंद्र सरकार और पंजाब की कांग्रेस सरकार में ठन गई है। पंजाब का कहना है कि इस बार पराली जलाने की घटनाओं में राज्य में 70 फीसदी की कमी आई है, जबकि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के आंकड़ों में पंजाब में एक से 12 नवंबर तक पराली जलाने के मामलों में 61 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है। 
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को केंद्र सरकार ने बताया है कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में इजाफे ने सरकार की कोशिश पर पानी फेर दिया है। बढ़ते प्रदूषण पर एनजीटी की नाराजगी के बाद केंद्र द्वारा बताया गया है कि प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव के पत्र में कहा है कि पिछले 15 दिन में पराली जलाने की घटनाओं में खासा इजाफा हुआ है। इसका सीधा प्रभाव वातावरण और प्रदूषण पर पड़ा है।    

पराली जलाने के मामलों में एक से 12 नवंबर के बीच काफी बढ़ोतरी हुई है। पंजाब की बात करें तो एक से पांच नवंबर के बीच 12533 पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए जोकि पिछले साल के मुकाबले लगभग सात फीसदी कम था। जबकि 6 से 12 नवंबर के बीच 16932 मामले पराली जलाने के मामले आए जोकि पिछले साल के मुकाबले लगभग 236 फीसदी अधिक थे। हरियाणा में नवंबर के पहले सप्ताह में 1020 मामले थे जो 2017 के मुकाबले 42 फीसदी से ज्यादा कम थे लेकिन दूसरे ही हफ्ते में यह बढ़कर 1602 हो गए जोकि लगभग साढ़े 52 फीसदी से ज्यादा है।  
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केंद्र की मुहिम को झटका दे रही है जलती पराली    
यूपी में यह पांच नवंबर तक 830 और 6 से 12 नवंबर तक 1085 है जो पिछले साल के मुकाबले 23 फीसदी से ज्यादा कम है। इससे साफ जाहिर है कि पंजाब में पराली जलाने के बढ़े मामलों ने सरकार की इसे रोकने के लिए खर्च किए गए 577 करोड़ के बजट पर पानी फेर दिया है, क्योंकि इस बार पिछले साल के मुकाबले अब तक केवल सात फीसदी प्रदूषण ही कम हुआ है। जबकि सरकार का दावा था कि इस बार इसमें 30 फीसदी की कमी लाकर अगले साल तक इसमें 70 फीसदी की गिरावट लानी थी। सबसे खराब हालात पंजाब के हैं जहां सबसे ज्यादा पैसा  269.38 करोड़ रुपये खर्च करके भी सबसे ज्यादा पराली जलाने के मामले सामने आए हैं।  
    
केंद्र ने राज्य सरकारों से सख्ती से पराली और कूड़ा जलाने के लिए आधारभूत ढांचा तैयार करने को कहा है। इसमें पंजाब से मुफ्त बिजली देने पर रोक लगाने को कहा है। वहीं यूपी ने दादरी में पराली के कोयला पॉवर स्टेशन पर सफल प्रयोग के बाद सभी कोयले से चलने वाले पावर स्टेशनों पर 10 फीसदी पराली को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने पर सहमति जताई है। इसके अलावा बायोगैस, ईंट और गृह उपयोगी वस्तुओं के निर्माण में भी पराली के उपयोग को लेकर हरियाणा, पंजाब और यूपी ने सहमति जताई है।       
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