पराली जलाने के मामले में केंद्र सरकार और पंजाब की कांग्रेस सरकार में ठन गई है। पंजाब का कहना है कि इस बार पराली जलाने की घटनाओं में राज्य में 70 फीसदी की कमी आई है, जबकि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के आंकड़ों में पंजाब में एक से 12 नवंबर तक पराली जलाने के मामलों में 61 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को केंद्र सरकार ने बताया है कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में इजाफे ने सरकार की कोशिश पर पानी फेर दिया है। बढ़ते प्रदूषण पर एनजीटी की नाराजगी के बाद केंद्र द्वारा बताया गया है कि प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव के पत्र में कहा है कि पिछले 15 दिन में पराली जलाने की घटनाओं में खासा इजाफा हुआ है। इसका सीधा प्रभाव वातावरण और प्रदूषण पर पड़ा है।
पराली जलाने के मामलों में एक से 12 नवंबर के बीच काफी बढ़ोतरी हुई है। पंजाब की बात करें तो एक से पांच नवंबर के बीच 12533 पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए जोकि पिछले साल के मुकाबले लगभग सात फीसदी कम था। जबकि 6 से 12 नवंबर के बीच 16932 मामले पराली जलाने के मामले आए जोकि पिछले साल के मुकाबले लगभग 236 फीसदी अधिक थे। हरियाणा में नवंबर के पहले सप्ताह में 1020 मामले थे जो 2017 के मुकाबले 42 फीसदी से ज्यादा कम थे लेकिन दूसरे ही हफ्ते में यह बढ़कर 1602 हो गए जोकि लगभग साढ़े 52 फीसदी से ज्यादा है।