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Indian Spice Row: एवरेस्ट मसालों में एथिलीन ऑक्साइड मानकों के अनुसार नहीं, एमडीएच के नमूनों की भी जांच

Mon, 20 May 2024 10:26 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अधिकारी ने बताया कि हमने  एवरेस्ट मसालों की कंपनी को सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए कहा है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे निर्देशों का अनुपालन करें।
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एवरेस्ट मसाला - फोटो : Social Media
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विस्तार
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इन दिनों एवरेस्ट मसाले काफी विवादों में है। इस बीच एक अधिकारी ने बताया कि सरकार ने एवरेस्ट मसालों के कुछ नमूनों की जांच की। जांच में सामने आया कि मसालों में एथिलीन ऑक्साइड सख्त मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इसे सुधारने के लिए कहा गया है। एथिलीन ऑक्साइड (ईटीओ) की उपस्थिति के कारण सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग में दो भारतीय मसाला ब्रांडों- एमडीएच और एवरेस्ट के उत्पादों को वापस कर दिया गया था, इसी के मद्देनजर सरकार ने यह परीक्षण किया था। 

एवरेस्ट ने मेल का नहीं दिया जवाब

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अधिकारी ने बताया कि हमने दोनों कंपनियों से नमूना लिया था, जिसे परीक्षण के लिए भेजा था। एमडीएच मसाले सभी 18 मानकों के अनुरूप ही थे। वहीं, एवरेस्ट के कुछ नमूने (12 में से) गैर-शिकायत वाले थे। हमने कंपनी को सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए कहा है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे निर्देशों का अनुपालन करें। हालांकि, एवरेस्ट को भेजे गए मेल का अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। 

जानकारी के अनुसार, विभिन्न देश ईटीओ के लिए अलग-अलग एमआरएल का पालन करते हैं। जैसे- ईयू ने इसकी सीमा 0.02-0.1 मिलीग्राम प्रति किलो तय की है। वहीं सिंगापुर ने 50 मिलिग्राम और जापान ने 0.01 मिलीग्राम प्रति किलो तय की है। सरकार ने नमूनों का परीक्षण 0.1 मिलीग्राम प्रति किलो के आधार पर किया है।

सरकार ने उद्योग व्यापी चर्चा की
अधिकारी ने बताया कि समय के साथ एमआरएल की आवश्यकताएं विकसित हो रही हैं। मसाला उद्योग इसे अच्छे से जानता है। हमने तीन उद्योग-व्यापी चर्चा की है। वे ईटो के उपयोग के विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। निर्यातकों कुछ वैकल्पिक प्रौद्योगिकियां का इस्तेमाल करते हैं। इनकी जांच की जा रही है।

एमडीएच-एवरेस्ट मसालों पर दो देशों में रोक

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एमडीएच और एवरेस्ट मसाला विवाद हांगकांग और सिगापुर होते हुए ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड भी पहुंच चुका है। हाल ही में खाद्य मानक ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड (एफएसएएनजेड) ने मंगलवार को घोषणा की थी कि वह भारतीय कंपनियों एमडीएच और एवरेस्ट की ओर से उत्पादित मसालों में गड़बड़ी के आरोपों की जांच कर रहा है। हांगकांग और सिंगापुर की तरह ही ऑस्ट्रेलिया में भी इन उत्पादों को बाजार से वापस बुलाया जा सकता है। 

हांगकांग ने हाल ही में तीन एमडीएच मसालों और एवरेस्ट के फिश करी मसालों की बिक्री पर रोक लगा दी है। सिंगापुर ने एथिलीन ऑक्साइड के अत्यधिक स्तर का हवाला देते हुए बाजार से एवरेस्ट मसाले को मंगा लिया है। यह एक ऐसा रसायन है जिसके संपर्क में लंबे समय तक रहने से यह कैंसर का कारण बन सकता है। 

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