केंद्र सरकार ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) कैंपस में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर से जुड़े विवाद मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन से शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा है। उम्मीद है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन बुधवार तक मामले की पूरी रिपोर्ट सरकार को भेज देगा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, विश्वविद्यालय प्रबंधन को जानकारी देनी होगी कि आखिर कैंपस में इस तस्वीर का क्या औचित्य है। प्रबंधन को अगर कैंपस में तस्वीर लगी होने की जानकारी थी तो उसे हटाना चाहिए था। छात्रसंघ पर पूरा मामला छोड़ देना गलत है।
बता दें कि एएमयू में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आखिर देश के विश्वविद्यालय में दुश्मन देश के प्रथम राष्ट्रपति की तस्वीर क्यों टंगी हुई है। यह विवाद तब उठा, जब अलीगढ़ से बीजेपी सांसद सतीश गौतम ने मामला उठाया।
बताया जा रहा है कि मोहम्मद अली जिन्ना 1938 में अलीगढ़ यूनिवर्सिटी आए थे। उन्हें यूनियन द्वारा कई अन्य लोगों की तरह मानद उपाधि दी गई थी। छात्रसंघ ने 1920 में आजीवन सदस्यता देने की शुरुआत की थी। तब महात्मा गांधी और जिन्ना को भी सदस्यता मिली थी और तभी वहां जिन्ना की तस्वीर लगाई गई थी।