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रिपोर्ट: विकास, सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं पर केंद्र सरकार ने खर्च किए 100 लाख करोड़

Sat, 09 Apr 2022 11:31 PM IST
Jeet Kumar पीटीआई, नई दिल्ली

सार

आरबीआई की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए सूत्रों ने कहा कि 2014-15 से 2021-22 के दौरान केंद्र सरकार द्वारा कुल विकास व्यय 90.9 लाख करोड़ रुपये था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ani
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ विकास और सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं पर करीब 100 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। आरबीआई की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए सूत्रों ने कहा कि 2014-15 से 2021-22 के दौरान केंद्र सरकार द्वारा कुल विकास व्यय 90,89,233 करोड़ रुपये (90.9 लाख करोड़ रुपये) था।

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इस महीने की शुरुआत में, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने 2014-2021 के बीच ईंधन कर संग्रह से 26.5 लाख करोड़ रुपये एकत्र किए, लेकिन मुफ्त खाद्यान्न, महिलाओं को नकद भत्ते, पीएम-किसान पर कुल खर्च और अन्य नकद हस्तांतरण 2,25,000 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है जो अकेले केंद्र द्वारा एकत्र किए गए वार्षिक ईंधन कर से कम है।

सरकार का विवरण साझा किया
इस मामले पर सरकारी सूत्रों ने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत संख्या निशान से काफी कम है क्योंकि विकास व्यय लगभग चार गुना था। सूत्रों ने सरकारी खर्च का विवरण साझा करते हुए कहा कि इसमें बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और उत्पादक संपत्ति बनाने के लिए पूंजीगत व्यय के रूप में 26 लाख करोड़ रुपये से अधिक, भोजन, उर्वरक और ईंधन सब्सिडी के लिए 25 लाख करोड़ रुपये और सामाजिक सेवाओं पर 10 लाख करोड़ रुपये शामिल हैं।      
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पी चिदंबरम ने साधा था केंद्र सरकार पर निशाना
सूत्रों ने कहा कि यह स्पष्ट है कि ईंधन कर से संग्रह को विकास व्यय के रूप में अच्छे उपयोग के लिए रखा गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम ने पिछले हफ्ते ट्विटर पर कहा था कि मोदी सरकार के आठ वर्षों में केंद्र सरकार ने ईंधन कर के रूप में 26,51,919 करोड़ रुपये एकत्र किए।

भारत के परिवारों को क्या मिला
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा था कि भारत में लगभग 26 करोड़ परिवार हैं। इसका मतलब है कि केंद्र सरकार ने हर परिवार से औसतन 1,00,000 रुपये ईंधन कर के रूप में एकत्र किए हैं। साथ ही कहा था कि अपने आप से पूछें, ईंधन कर के रूप में इतनी बड़ी राशि का भुगतान करने के बदले में एक औसत परिवार को क्या मिला?

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