महाराष्ट्र सरकार ने बदलापुर स्कूल यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस द्वारा गोलीबारी में मुख्य आरोपी अक्षय शिंदे की मौत की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एकल सदस्य जांच आयोग की अध्यक्षता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) दिलीप भोसले करेंगे। एसआईटी को रिपोर्ट सौंपने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। बता दें कि अगस्त में ठाणे जिला में स्कूल अटेंडेंट ने चार और पांच साल की दो बच्ची से बाथरूम में कथित तौर पर यौन शोषण किया था। इस मामले का मुख्य आरोपी अक्षय शिंदे को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन 23 सितंबर को गोलीबारी में पुलिस ने उसे मार गिराया।
23 सितंबर को मुंब्रा बाईपास के पास क्या हुआ, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस को गोली चलानी पड़ी। जांच दल को कारण और परिणाम का पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। इस बात पर भी जांच होगी कि कहीं इस घटना में कोई व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल है या नहीं। यह भी पता लगाया जाएगा कि स्थिति को संभालने के लिए पुलिस द्वारा उटाए गए कदम उचित थे या नहीं। पैनल घटना के सभी संबंधित पहलुओं की विस्तृत जांच करेगा। पिछले हफ्ते बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुलिस द्वारा अक्षय शिंदे को गोली मारने पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि इस घटना को टाला जा सकता था और निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया पर जोर देना चाहिए था। कोर्ट ने गोलीबारी को अंजाम देने के तरीके पर भी सवाल उठाया।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि 17 अगस्त को पुलिस ने इस मामले में स्कूल के अटेंडेंट को गिरफ्तार किया था। शख्स पर किंडरगार्टन में पढ़ रहीं तीन और चार साल की दो बच्चियों से उत्पीड़न का आरोप था। बच्चियों के परिजनों की तरफ से दी गई शिकायत के मुताबिक, अटेंडेंट ने लड़कियों का स्कूल के टॉयलेट में ही उत्पीड़न किया था। लड़कियों ने इस घटना के बारे में अपने माता-पिता को बताया था। इसके बाद मामले में शिकायत दर्ज हुई और आरोपी के खिलाफ पॉक्सो कानून की धाराओं में केस दर्ज हुआ। उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना पर स्कूल के प्रबंधन ने सोमवार को बयान जारी किया और कहा कि उसने प्रिंसिपल के साथ, एक क्लास टीचर और महिला अटेंडेंट को भी निलंबित कर दिया है। घटना को लेकर स्कूल की तरफ से माफी भी मांगी गई है।