राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आयुष मंत्रालय वर्ष 2021 तक देश के सभी जिलों में इस उपचार उपलब्ध करा सकता है। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान और अब उत्तर प्रदेश में इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि पहले चरण में करीब 24 हजार केंद्रों को शुरू किया जाएगा।
आयुष मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि बीजीआर-34 के अलावा डीआरडीओ की ल्यूकोस्किन, नीरी केएफ्टी जैसे इलाज के अलावा योग भी केंद्रों तक उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए अभी कुछ राज्यों से प्रस्ताव आना शेष है। इसके बाद पूरे देश में ये सुविधाएं शुरू हो जाएंगी।
उन्होंने ये भी बताया कि हाल ही में ग्वालियर स्थित जीवाजी विवि से आयुर्वेद में नैनो तकनीक पर शोध के लिए करार भी हुआ है। इस तकनीक के जरिए आने वाले दिनों में आयुर्वेद से जुड़े और भी महत्वपूर्ण उपचार पूरी दुनिया के सामने होंगे।