अप्रैल से मार्च वाले वर्तमान वित्त वर्ष में बदलाव की जरूरत और संभाव्यता पर सरकार ने पूर्व आर्थिक सलाहकार, शंकर आचार्य की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी को इस साल 31 दिसंबर तक रिपोर्ट देने को कहा गया है।
वित्त मंत्रालय से जारी एक बयान के मुताबिक, इस कमेटी में पूर्व कैबिनेट सचिव के एम चंद्रशेखर, तमिलनाडु के पूर्व वित्त सचिव पीवी राजारमन और सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के सीनियर फेलो राजीव कुमार को सदस्य बनाया गया है। अभी देश में अप्रैल से मार्च तक का वित्त वर्ष है।
अगर सरकार वित्त वर्ष में बदलाव करती है तो नया वित्त वर्ष अप्रैल से मार्च की जगह जनवरी से दिसंबर तक हो जाएगा। ऐसा होने पर वर्तमान जीवन में काफी-कुछ बदल जाएगा। जिसमें सैलरी से लेकर आयकर रिटर्न्स तक सभी कुछ शामिल है। इससे पूरी बजट प्रक्रिया में बदलाव आ जाएगा।