राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में महिलाओं की एंट्री के बाद भारतीय सशस्त्र बलों में उनकी भागीदारी तेजी से बढ़ी है। सरकार के अनुसार पहले महिलाओं की भूमिका सीमित थी, लेकिन अब वे सेना, नौसेना और वायुसेना में नेतृत्व और ऑपरेशनल जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
देश की रक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। सरकार ने कहा है कि भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी आने वाले समय में और बढ़ने वाली है। पिछले कुछ वर्षों में सेना, नौसेना और वायुसेना में महिला अधिकारियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। यह बदलाव केवल संख्या में ही नहीं बल्कि जिम्मेदारियों और नेतृत्व के स्तर पर भी दिखाई दे रहा है।
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सरकार की ओर से महिला दिवस के मौके पर जारी एक तथ्य पत्र में बताया गया कि वर्ष 2014 में तीनों सेनाओं में महिला अधिकारियों की कुल संख्या करीब तीन हजार थी। अब यह संख्या बढ़कर 11 हजार से अधिक हो गई है। सरकार ने कहा कि यह केवल आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि सशस्त्र बलों के दृष्टिकोण में आए बड़े बदलाव को भी दर्शाता है। आज महिलाएं ऑपरेशनल ड्यूटी से लेकर नेतृत्व पदों तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
सशस्त्र बलों में महिलाओं की संख्या कैसे बढ़ी?
सरकार के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में भर्ती नीतियों में बदलाव और नए अवसर मिलने से महिलाओं की संख्या बढ़ी है। पहले महिलाओं की भूमिका मुख्य रूप से मेडिकल और नर्सिंग सेवाओं तक सीमित थी। लेकिन अब महिलाएं सेना, नौसेना और वायुसेना में कई अलग-अलग शाखाओं में काम कर रही हैं। उनकी बढ़ती भागीदारी को रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
महिलाओं को सेना में बड़े पद और जिम्मेदारियां कैसे मिलीं?
सरकार ने बताया कि अब महिलाएं केवल सहायक भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं। कई महिला अधिकारी वरिष्ठ नेतृत्व और ऑपरेशनल कमांड की जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। कुछ महिला अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल जैसे उच्च पदों तक पहुंच चुकी हैं। वहीं कई महिलाएं फाइटर पायलट के रूप में भी काम कर रही हैं और महत्वपूर्ण सैन्य इकाइयों की कमान संभाल रही हैं।
एनडीए में महिलाओं की एंट्री से क्या बदलाव आया?
सरकार के अनुसार राष्ट्रीय रक्षा अकादमी यानी एनडीए में महिलाओं के प्रवेश से बड़ा बदलाव आया है। मई 2025 में 17 महिला कैडेट्स ने एनडीए से प्रशिक्षण पूरा किया, जबकि नवंबर 2025 में 15 महिला कैडेट्स ने स्नातक किया। इससे आने वाले वर्षों में सशस्त्र बलों में महिलाओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए गए?
सरकार ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई नीतिगत सुधार किए गए हैं। भर्ती में अधिक अवसर दिए जा रहे हैं और कई पदों पर समान अवसर की नीति लागू की गई है। इसके साथ ही ‘नारी शक्ति’ पहल के तहत महिलाओं को अधिक जिम्मेदारियां देने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से आने वाले समय में सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी और मजबूत होगी।