राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों के प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप भारतीय सेना के गजराज कोर द्वारा असम के हेम बरुआ हायर सेकेंडरी स्कूल, घोरामारी में एक विशाल पूर्व सैनिक रैली का आयोजन किया गया। यह रैली भारतीय सेना की अपने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों के कल्याण, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करती है।इस रैली में बिस्वनाथ और सोनितपुर जिलों से लगभग 4,000 पूर्व सैनिक, वीर नारियाँ और उनके परिवारजन उत्साहपूर्वक शामिल हुए, जो सेना और उसके पूर्व सैनिक समुदाय के बीच गहरे और स्थायी संबंध का प्रतीक है।
सरकारी विभागों की भागीदारी
कई सरकारी विभागों ने भी रैली में भाग लेकर पूर्व सैनिकों को आजीविका और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इनमें शामिल थे:
विशेषज्ञों ने उच्च उत्पादक फसलों, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि आधारित उद्यमिता और सरकारी सब्सिडी योजनाओं के बारे में मार्गदर्शन दिया।
बैंक और कॉर्पोरेट संस्थानों की भागीदारी
पूर्व सैनिकों की आर्थिक सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने हेतु कई बैंक और कॉर्पोरेट संस्थान भी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख हैं:
निजी क्षेत्रों की भागीदारी
इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र की हीरो मोटोकॉर्प (रुद्र मोटर्स), मारुति सुजुकी, सोनालिका ट्रैक्टर्स, डाबर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और नेशनल करियर सर्विस / रोजगार एजेंसियां शामिल थीं।
चिकित्सा शिविर और पुनर्वास सहायता
रैली के दौरान एक विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया जिसमें निम्नलिखित विशेषज्ञ सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं। स्त्री रोग, अस्थि रोग, नेत्र रोग, दंत चिकित्सा शामिल थे। सेना के चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क जांच और दवाइयों का वितरण किया गया। वरिष्ठ और दिव्यांग पूर्व सैनिकों की सहायता हेतु 08 व्हीलचेयर और 11 श्रवण यंत्र वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त एक दिव्यांग युद्ध वीर को विशेष रूप से अनुकूलित ट्राई-स्कूटर प्रदान किया गया।
महादानियों ने किया 80 यूनिट रक्तदान
सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए रैली के दौरान रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें सैनिकों, पूर्व सैनिकों और स्थानीय नागरिकों द्वारा लगभग 80 यूनिट रक्तदान किया गया।
रोजगार एवं पुनर्वास सहायता
रैली में रोजगार सहायता केंद्र स्थापित किए गए, जिनके माध्यम से सुरक्षा, प्रशासन, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी क्षेत्रों में लगभग 400 रोजगार अवसरों की जानकारी प्रदान की गई।
नई पीढ़ी को प्रेरणा
आर्मी भर्ती कार्यालय (एआरओ), जोरहाट द्वारा स्थापित परामर्श केंद्र में पूर्व सैनिकों के आश्रितों को सेना में भर्ती की प्रक्रिया, पात्रता और तैयारी के बारे में मार्गदर्शन दिया गया। रैली में विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।
सेना की प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश
यह पूर्व सैनिक रैली भारतीय सेना की अपने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक रही। 46 कल्याणकारी स्टॉल, चिकित्सा सहायता, पेंशन सुविधा, रोजगार अवसर, वित्तीय मार्गदर्शन और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से गजराज कोर ने एक बार फिर राष्ट्र के इन वीरों के प्रति अपनी निष्ठा को दोहराया।