खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। 540 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और 50 को वापस लाया गया है। अब तक 4.26 लाख लोग भारत लौट चुके हैं। उड़ानें और समुद्री व्यापार सामान्य बनाए रखने की कोशिश जारी है। आइए, विस्तार से समझते हैं भारत सरकार ने अबतक क्या-क्या अपडेट दिया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने साफ किया है कि देश के नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित है। सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है और हर जरूरी कदम उठा रही है। शिपिंग मंत्रालय और विदेश मंत्रालय दोनों स्तर पर निगरानी तेज कर दी गई है। खाड़ी क्षेत्र में हालात संवेदनशील जरूर हैं, लेकिन भारत ने अपने लोगों को सुरक्षित रखने और व्यापार को जारी रखने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई है।
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सरकार के मुताबिक पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या नाविक से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है। फारस की खाड़ी में मौजूद 20 भारतीय जहाज और उनमें सवार 540 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसी दौरान 50 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस भारत लाया गया है। बंदरगाहों पर काम सामान्य चल रहा है और कहीं भी जाम या रुकावट की खबर नहीं है। इससे साफ है कि भारत ने समुद्री गतिविधियों को स्थिर बनाए रखा है।
क्या समुद्री रास्ते और भारतीय नाविक सुरक्षित हैं?
शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि सभी प्रमुख बंदरगाहों जैसे जवाहरलाल नेहरू पोर्ट, कांडला, वीजाग और अन्य जगहों पर स्थिति सामान्य है। मुंद्रा पोर्ट ने भी बड़ा कदम उठाते हुए मिडिल ईस्ट जाने वाले कंटेनरों के लिए 15 दिन की फ्री स्टोरेज दी है। इसके अलावा कई चार्ज में छूट दी गई है। इससे व्यापार पर असर कम करने की कोशिश की जा रही है और कंपनियों को राहत मिल रही है।
विदेश में फंसे भारतीयों की वापसी कैसे हो रही है?
विदेश मंत्रालय के अनुसार 28 फरवरी से अब तक करीब 4 लाख 26 हजार लोग खाड़ी क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं। इसके लिए 2,149 उड़ानों का संचालन किया गया है। यूएई, ओमान और सऊदी अरब से लगातार फ्लाइट्स चल रही हैं। कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है और वहां से भी उड़ानें शुरू हो गई हैं। कुवैत और बहरीन से सीधे उड़ानें बंद हैं, लेकिन सऊदी अरब के जरिए भारतीयों को वापस लाया जा रहा है।
ईरान और इस्राइल से लोगों को कैसे निकाला जा रहा है?
सरकार ने बताया कि ईरान से भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते निकाला जा रहा है। अब तक 1,043 लोग वहां से बाहर आ चुके हैं, जिनमें 717 छात्र भी शामिल हैं। वहीं इस्राइल से भारतीयों को जॉर्डन के रास्ते वापस लाया जा रहा है। सरकार ने यह भी बताया कि रियाद में हुए हमले में एक भारतीय की मौत हो गई थी, जिनका शव भारत लाया गया है। सरकार परिवार के संपर्क में है और हर संभव मदद दी जा रही है।