इनकी जगह इलेक्ट्रिक कार का किया जाएगा इस्तेमाल
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री राजकुमार सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिक कारों के इस्तेमाल की योजना हर दृष्टि से फायदेमंद है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह पर्यावरण अनुकूल है। साथ ही इसके रखरखाव और इस्तेमाल का खर्च भी काफी कम है। इलेक्ट्रिक कार से ढाई से तीन रुपये में एक किमी यात्रा की जा सकती है। इन कारों में कलपुर्जे की संख्या सीमित है और यह सिर्फ गतिमान स्थिति में ही बिजली खर्च करता है, इससे इसका रखरखाव भी डीजल-पेट्रोल कार की तुलना में बेहद सस्ता है।
दो-तीन माह में इस्तेमाल होने लगेंगी 500 इलेक्ट्रिक कारें
एक बार चार्ज होने पर 130 किमी चलने के कारण शहरों में इसके इस्तेमाल की संभावना बढ़ेगी। सिंह के मुताबिक, 5 इलेक्ट्रिक कारें इसी हफ्ते ऊर्जा मंत्रालय के बेड़े में शामिल हो जाएंगी। राज्यों से भी अपने कार्यालयों में इलेक्ट्रिक कारों को शामिल करने का अनुरोध किया गया है।
चार्जिंग स्टेशन के लिए नई नीति
भविष्य की योजना के तहत सरकार चार्जिंग स्टेशन के लिए भी नई नीति लाएगी। यह नीति 15 दिन में सार्वजनिक कर दी जाएगी। इसमें चार्ज करने के लिए सेवा कर तय किया जाएगा। चार्जिंग स्टेशन के निर्माण का जिम्मा डिस्कॉम या अन्य किसी सरकारी पीएसयू को दिया जाएगा।
पेट्रोल पंपों की तरह चार्जिंग प्वाइंट
मंत्री के अनुसार, योजना को व्यापक सफलता मिलनी तय है, इसलिए सरकार ने अभी से इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अलग कॉरिडोर चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन कॉरिडोर में दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-आगरा, दिल्ली-जयपुर शामिल हैं। इन कॉरिडोर पर एक तय दूरी पर चार्जिंग प्वाइंटर बनाए जाएंगे। शहरों के साथ ही बड़े हाईवे और मुख्य मार्गों पर भी चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे ताकि लोगों को किसी तरह की समस्या न हो।
टाटा मोटर्स ने हासिल की निविदा
टाटा मोटर्स ने केंद्र सरकार की तरफ से इलेक्ट्रिक कार खरीद की निविदा हासिल की है। हाल ही में कंपनी ने एलान किया था कि अगर सरकार बेहतर ढांचागत सुविधाएं मुहैया कराए तो वह इसी साल इलेक्ट्रिक कारों के दो मॉडल टियागो और टायगोर उतार सकती है। साथ ही कंपनी ने कहा था कि अगर इनका व्यापक स्तर पर उत्पादन किया जाए तो इनकी कीमत काफी कम हो सकती है।