मोदी सरकार की 2022 तक सबको घर देने की योजना के लिए अभी 1.2 करोड़ आवासीय इकाइयों की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवास योजना इस खाई को भरने में कामयाब होगी। हालांकि उन्होंने माना कि किफायती मकान बनाने में काफी चुनौतियां आ रही हैं, लेकिन तय समय में सबके सिर पर छत होगी।
पुरी शुक्रवार को शहरी मिशनों के त्वरित क्रियान्वयन तथा स्वच्छ भारत मिशन पर राष्ट्रीय कार्यशाला में बोल रहे थे। कार्यक्रम में आवास और शहरी मामलों के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा समेत राज्यों के अधिकारी व उद्योग जगत के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे थे।
पुरी ने कहा कि भारत भौतिक स्थिति, आबादी और सामाजिक-आर्थिक विविधता के मानकों के आधार पर बदलाव की प्रक्रिया में है। ढाई सालों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 30.76 लाख आवासीय इकाइयों के निर्माण को मंजूरी दी गयी है।
इनमें से 15.65 लाख मकान निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। वहीं, 4.13 लाख घर तैयार कर लिये गये हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर 2022 तक सभी देशवासी के सिर पर छत होगी।
हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि फिलहाल करीब 1.2 करोड़ आवासीय इकाइयों की जरूरत है। इसके लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि स्लम के पुनर्वास में कई चुनौतियां हैं। उन्होंने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से स्लम मुक्त करने के लिये ठोस कदम उठाने की अपील की। पुरी ने सस्ते आवासों के लिए सार्वजनिक-निजी मॉडल को भी अपनाने पर जोर दिया।