लोकपाल राष्ट्रीय स्तर पर भ्रष्टाचार की जांच करने वाला सर्वोच्च संस्थान है, जिसमें केंद्र सरकार के किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की समयबद्ध जांच करेगा। लोकपाल 30 दिन के अंदर शिकायत का निपटारा कर देगा। आठ सदस्यीय लोकपाल के चेयरपर्सन पिनाकी चंद्र घोष को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 23 मार्च, 2019 को शपथ दिलाई थी। नियम के मुताबिक इसमें चेयरपर्सन के अलावा अधिकतम आठ सदस्य हो सकते हैं, जिनमें चार न्यायिक सदस्य होंगे।
अब तक एक हजार शिकायतों का निपटारा
आंकड़ों के मुताबिक 30 सितंबर, 2019 तक कुल 1065 शिकायतें मिलीं, जिनमें से लोकपाल ने एक हजार का निपटारा कर दिया। शिकायत के प्रारूप तय होने से पहले मिली सभी शिकायतों का लोकपाल ने निपटारा करने का फैसला लिया था।