केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि लोकपाल की नियुक्ति की कवायद शुरू कर दी है। मालूम हो कि लोकपाल एवं लोकायुक्त कानून, 2014 अस्तित्व में आ गया है, लेकिन अब तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
केंद्र सरकार के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि लोकपाल की नियुक्ति की कवायद शुरू हो गई है और इसी क्रम में 1 मार्च को प्रधानमंत्री, प्रधान न्यायाधीश, लोकसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे वाली चयन समिति की बैठक प्रस्तावित है। मालूम हो कि चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, प्रधान न्यायाधीश और एक नामचीन हस्ती होते हैं।
वेणुगोपाल ने बताया कि चूंकि लोकसभा में किसी भी दल को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं है, लिहाजा सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता को समिति का हिस्सा बनाया गया है। साथ ही कहा कि चयन समिति की बैठक में इसलिए देरी हुई, क्योंकि समिति के सदस्य वरिष्ठ वकील पीपी राव का पिछले वर्ष सितंबर में निधन हो गया था।