केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि संपन्न लोगों को रसोई गैस सब्सिडी नहीं मिलेगी। हालांकि वह गरीबों को सब्सिडी दिए जाने के लिए वचनबद्ध है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच यह बात कही।
उन्होंने कहा, मोदी सरकार से पहले करीब 14 करोड़ लोगों के पास गैस कनेक्शन थे। अब इनकी संख्या 21 करोड़ के करीब हो गई है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत गरीबों को गैस कनेक्शन दिए गए हैं।
दरअसल, सरकार ने रियायती सिलेंडर के दाम हर महीने 4 रुपये बढ़ाने का फैसला किया है। इसमें 5 फीसदी जीएसटी भी जुड़ेगा। उधर, गैस सब्सिडी समाप्त किए जाने को लेकर मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने जमकर हंगामा हुआ।
राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे और वेल में आने से सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष का आरोप था कि मोदी सरकार गरीब विरोधी है। देश में बड़ी संख्या में संपन्न लोगों ने स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ दी है। कच्चे तेल की कीमतें काफी कम हैं फिर भी सरकार सब्सिडी समाप्त करने जा रही है।