वहीं आधार कार्ड मामले से ना केवल स्थानीय लोगों को बल्कि एनआरआई और विदेशियों को भी परेशान होना पड़ा है। मोबाइल ऑपरेटर्स उन्हें इसलिए सिम नहीं देते थे क्योंकि उनके पास आधार कार्ड नहीं था। इसके अलावा इस मामले पर अभी तक मोबाइल ऑपरेटर्स की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। सूत्रों के मुताबिक इस मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार रिटेलर्स का बिना किसी कानूनी आधार के आधार कार्ड के बिना सिम कार्ड ना देना गलत हैं। ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं जाएगा। साथ ही सरकार ने मोबाइल कंपनियों को ये भी कहा है कि वह आधार से ही मोबाइल नंबर के सत्यापन को ज्यादा गंभीरता से ना लें। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना अंतिम फैसला नहीं सुनाया है।
गौरतलब है कि बीते हफ्ते मोबाइल कंपनियां ग्राहकों को फोन, मैसेज और अन्य तरीकों से कह रही थीं कि वह अपने नंबर को आधार से लिंक करवाएं। ऐसा करने के पीछे की वजह बताते हुए कंपनियां कह रही थीं कि वह बस सरकार के पिछले निर्देशों का पालन कर रही हैं।