खाने-पीने की चीजों की सही गुणवत्ता बनाये रखने के लिए सरकार ने कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया है। ऑनलाइन खाना मुहैया कराने वाले रेस्टोरेंट गुणवत्ता को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश और नियम का पालन कर रहे हैं या नहीं? ये सुनिश्चित करने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। फूड रेगुलेटर एफएसएसएआई ने ऑनलाइन फूड एग्रीगेटर कंपनियों को बिना लाइसेंस वाले रेस्तरां की सेवाएं बंद करने के लिए दो हफ्ते का वक्त दिया है।
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) के सीईओ पवन अग्रवाल ने यह जानकारी दी है कि (एफएसएसएआई) इस बात की भी जांच करेगा कि ये ऑनलाइन कंपनियां खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं। ये फैसला बुधवार को हुई रेगुलेटर की समीक्षा बैठक के बाद लिया गया है। बैठक में इस बात पर चिंता जाहिर की गई कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर मौजूद 30-40% रेस्तरां के पास सरकारी लाइसेंस ही नहीं है।
दरअसल, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने जुलाई में ही सभी रेस्तरां को ऑनलाइन सेवा देने के लिए जरुरी लाइसेंस लेने को कहा था लेकिन इस निर्देश का पालन नहीं हुआ। हांलाकि बहुत से रेस्तरां ने हाल ही में एफएसएसएआई के पास लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया है जिसकी प्रक्रिया चल रही है ताकि जल्द ही आवेदनकर्ताओं को सर्टिफिकेट जारी की जा सके।
इसके अलावी सीईओ अग्रवाल ने ये भी आशवासन दिया कि लाइसेंस वाले रेंस्तरां मालिकों को किसी तरह की दिक्कत नही आयेगी क्योंकि फूड एग्रीगेटर्स के अधिकारियों को बिना लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन वाले रेस्तरां की सेवायें बंद करने के कारण के बारे में विस्तृत रिपोर्ट भी देनी पड़ेगी।
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने हाल ही में ऑनलाइन फूड एग्रीगेटर्स को खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में लाने की अधिसूचना जारी की थी। इस पर एफएसएसएआई के सीईओ ने कहा कि उम्मीद है कि ये खाद्य सुरक्षा को सभी रेस्तरां मालिक गंभीरता से लेंगे। उन्होंने स्विगी, जोमाटो, फूड पांडा और उबर-इट्स से रेस्तरां को खाद्य सुरक्षा की ट्रेनिंग देने को भी कहा है ताकि वो गुणवत्ता और सेवा नियम से जुड़ी हर बात को अपने कर्मचारियों को समझा सकें और ग्राहकों को संतुष्ट कर सकें।
सरकार की इस बड़ी पहल के बाद ऑनलाइन फूड एग्रीगेटर्स के प्लेटफॉर्म स्विगी ने एक और ईकॉमर्स फर्म स्कूट्सी को 50 करोड़ रुपए में खरीद लिया है जो मुंबई की है। स्विगी के सीईओ श्रीहर्ष मजेती ने इसका ऐलान करते हुए बताया कि स्कूट्सी अलग ब्रांड के तौर पर बनी रहेगी जिसका दूसरे शहरों में भी विस्तार होगा। आप को बता दें कि अभी स्विगी के प्लेटफॉर्म पर देशभर के करीब 40,000 रेस्तरां हैं।
इस तरह से ऑनलाइन फूड एग्रीगेटर्स प्लेटफॉर्म भी रेस्तरां को लाइसेंस पाने और गुणवत्ता संबंधिक जानकारी पाने में अहम रोल निभायेगी। इस कदम से उपभोक्ताओं को काफी फायदा होगा और ऑनलाइन सेवाओं में विश्वसनियता बढ़ जायेगी।