महाराष्ट्र की सांगली और जलगांव महानगर पालिका चुनाव में एक बार फिर जनता ने भारतीय जनता पार्टी का समर्थन किया है। फिलहाल वहां मतगणना जारी है। दोनों शहरों की 153 सीटों के लिए 754 उम्मीदवार मैदान में हैं। जलगांव में जहां भाजपा बढ़त बनाए हुए है। जबकि सांगली में शिवसेना, एमसीपी और भाजपा में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। इस चुनाव के नतीजे राज्य की सियासत पर न केवल आगामी लोकसभा चुनाव पर प्रभावित करेंगे बल्कि मौजूदा सियासत पर भी इसके असर डालने के कयास लगाए जा रहे हैं।
पिछले दिनों हुए जलगांव महानगर पालिका के 75 सीटों और सांगली की 78 सीटों पर मतदान हुए। इस चुनाव में दोनों जिलों की 153 सीटों पर 754 उम्मीदवारों का भाग्य दांव पर लगा है। इन उम्मीदवारों का फैसला सांगली के 4,24,179 और जलगांव के 3,65,072 मतदाताओं के हाथों में है।
सुबह से चल रही मतगणना में शिवसेना और भाजपा में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। अभी तक आए नतीजों पर अगर गौर करें तो जलगांव नगर निगम की 57 सीटों पर भाजपा आगे चल रही है, जबकि शिवसेना 14 सीटों पर आगे है।
जबकि सांगली महानगर पालिका में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के बीच जबरदस्त कांटे की टक्कर दिख रही है। यहां भाजपा को आठ, एनसीपी को छह, कांग्रेस को छह और अन्य के खाते में फिलहाल 2 सीट हासिल कर ली है।
बता दें कि जलगांव और सांगली- मिरज- कुपवाड महानगर पालिका चुनाव में करीब 57 प्रतिशत मतदान हुआ था। इन चुनावों में विपक्षी दल कांग्रेस और एनसीपी का गठबंधन है जबकि सत्तारूढ़ भाजपा और शिवसेना अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। सांगली में 451 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जबकि जलगांव में 303 उम्मीदवार मैदान में रहे।