देश के करोड़ों मधुमेह रोगियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ी राहत दी है। अभी तक बाजार में निजी कंपनियां जिस ग्लूकोमीटर को महंगे दामों में बेच रही थीं, उसे सरकार ने आधी कीमतों में जेनेरिक केंद्रों पर उपलब्ध करा दिया है। इस समय देश में करीब 3940 जेनेरिक केंद्र साढ़े छह सौ जिले में खुल चुके हैं।
अमर उजाला को मिली एक्सक्लुसिव जानकारी के तहत सभी जेनेरिक केंद्रों तक ग्लूकोमीटर पहुंच चुका है। सरकार ने इसकी कीमत 448 रुपये तय की है। इसके साथ स्ट्रिप का एक पैक मुफ्त मिलेगा, ये पैक 25 स्ट्रिप का होगा। अभी तक बाजार में निजी कंपनियां करीब हजार रुपये में मधुमेह मापने वाले इस ग्लूकोमीटर को दे रही हैं। इतना ही नहीं ग्लूकोमीटर में लगने वाली स्ट्रिप भी सरकार ने 225 रुपये में 25 स्ट्रिप वाला पैक उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है।
मैक्स अस्पताल के डॉ रजनीश मल्होत्रा ने बताया कि जिन मरीजों को मधुमेह के साथ रक्तचाप संबंधी परेशानी होती है उन्हें हर दिन या दूसरे दिन मधुमेह जांचना जरूरी है। ग्लूकोमीटर और स्ट्रिप के जरिए ही ये संभव है। उन्होंने बताया कि अभी तर चीन जापान और कोरिया कंपनी के उपकरण ही बाजार में मौजूद थे लेकिन उन्होंने सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर की है।
हर माह बचेंगे 500 रुपये
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के सीईओ सचिन सिंह ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि जेनेरिक दवाओं से मरीजों को काफी फायदा हुआ है। इस समय मधुमेह और रक्तचाप संबंधी बीमारी के मरीज हर घर में मौजूद हैं। केवल ग्लूकोमीटर और स्ट्रिप का उदाहरण लें तो हर माह एक मरीज को 500 रुपये की बचत स्ट्रिप पर होगी, जिसे एक बार इस्तेमाल के बाद फेंक दिया जाता है।
थर्मामीटर, ब्लडप्रेशर उपकरण भी मिलेंगे जल्द
सीईओ सचिन सिंह ने बताया कि जल्द ही थर्मामीटर और बल्ड प्रेशर जांचने के उपकरण भी आधी कीमतों पर जेनेरिक केंद्रों पर मिलना शुरू होंगे। इसकी प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है। जि उपकरणों को कई गुना ज्यादा दामों पर बेचा जा रहा है वे सभी आने वाले दिनों में 50 से 60 फीसदी कम कीमतों पर जेनेरिक केंद्रों में मिलेगा। उन्होंने ये भी बताया कि जल्द ही सरकार देश भर में जेनेरिक केंद्रों की संख्या पांच हजार तक लेकर जाएगी।