केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को रूसी किलो-श्रेणी की पनडुब्बी रेट्रो फिटिंग के लिए कलपुर्जे खरीदने में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में नौसेना के चार सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार ने हरी झंडी दे दी है। सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।
बीते साल नवंबर में दाखिल हुई थी चार्जशीट
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने भ्रष्टाचार के इस मामले में जांच शुरू करने के दो महीने के भीतर पिछले साल नवंबर में चार्जशीट दायर की थी। इसके बाद सीबीआई ने आरोपी नेवी ऑफिसर कमांडर एस जे सिंह (सेवानिवृत्त) और तीन सेवारत कमांडरों -अजीत पांडे, अभिषेक कुमार शर और जगदीश चंदर के खिलाफ मुकदमा चलाने की सरकार से मंजूरी मांगी थी।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि संवेदनशील पनडुब्बी रेट्रो फिटिंग (उत्पादन के बाद पुर्जा जोड़ने की) परियोजना से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में एक साल से अधिक समय के बाद सरकार ने आखिरकार अनुमति दे दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की चार्जशीट में शामिल चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिलने का मतलब है कि मामले की सुनवाई जल्द शुरू की जा सकती है।
विशेष सीबीआई कोर्ट को दी जानकारी
अधिकारियों के मुताबिक, भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 19 के तहत सीबीआई के लिए किसी आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने से पहले सरकार की मंजूरी लेना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी पहले ही एक विशेष सीबीआई अदालत को सूचित कर चुकी है कि उसे आरोपी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार की हरी झंडी मिल गई है।
अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने उसे मिली जानकारी के आधार पर मामला दर्ज किया था। दो सितंबर को मामला दर्ज करने के बाद, एजेंसी ने अगले दिन तलाशी के दौरान दो सेवानिवृत्त अधिकारियों कमांडर रणदीप सिंह और कमांडर एस जे सिंह को एक ट्रैप ऑपरेशन में गिरफ्तार किया गया था।
एजेंसी ने मामले में 3 सितंबर को हुई पहली गिरफ्तारी के 60 दिन के भीतर ही आरोपपत्र दाखिल कर दिया। सीबीआई द्वारा राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष सीबीआई न्यायाधीश के समक्ष दाखिल आरोपपत्र में अजित कुमार पांडेय, कमोडोर रैंक का एक सेवानिवृत्त अधिकारी रणदीप सिंह, कमांडर रैंक का एक अन्य सेवानिवृत्त अधिकारी एस जे सिंह, जो एक कोरियाई सबमरीन कंपनी के लिए कार्यरत था, एक निजी कंपनी का निदेशक और एक कथित हवाला ऑपरेटर शामिल है।
इसके साथ ही अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान 2.4 करोड़ रुपये की राशि बरामद की गई थी। जिसमें ट्रैप मनी भी शामिल है। इसके बाद सीबीआई ने कमांडर अजीत कुमार पांडेय को हिरासत में ले लिया।