एक अधिकारी ने बताया कि कर अनुसंधान इकाई ने तीन प्रस्ताव तैयार किए हैं। इनमें से किस पर मुहर लगेगी, इसका खुलासा 1 फरवरी को होगा। इन प्रस्तावों में आयकर में छूट की सीमा मौजूदा 2.5 लाख रुपये से बढ़ा कर 3.5 लाख रुपये करने की बात है। दूसरे प्रस्ताव में चार लाख और तीसरे में पांच लाख रुपये करने की बात है।
2014 में भाजपा ने छूट की सीमा तीन लाख करने का किया था वादा
वर्ष 2014 आम चुनाव में भाजपा ने आयकर छूट की सीमा बढ़ा कर तीन लाख रुपये करने का वादा किया था। यूपीए सरकार के समय वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने आयकर छूट की सीमा 1.8 लाख रुपये से बढ़ा कर तीन लाख रुपये करने की सिफारिश की थी। अभी यह सीमा ढाई लाख रुपये है। वित्त मंत्री अरुण जेटली भी आयकर में ज्यादा छूट देने के पक्षधर रहे हैं।
कर छूट की सीमा पांच लाख हो : सीआईआई
उद्योग जगत से जुड़े संगठन सीआईआई ने आयकर छूट की सीमा बढ़ा कर पांच लाख रुपये करने की मांग की है। संगठन ने आयकर की अधिकतम दर 30 फीसदी को भी घटा कर 25 फीसदी करने की मांग की है। उसका कहना है कि यदि छूट की सीमा बढ़ेगी, तो उपभोक्ताओं के हाथ में ज्यादा पैसे आएंगे और बाजार में खरीददारी बढ़ेगी।