केंद्र सरकार जीएसटी लागू कराने की तैयारी तेजी से कर रही है लेकिन उत्तर प्रदेश में व्यापारी इसे लेकर गंभीर नहीं हैं, जबकि उन्हें यह पता है कि जीएसटी में बिना रजिस्ट्रेशन के उनके लिए कारोबार करना नामुमकिन होगा। बावजूद इसके प्रदेश में कुल 4.91 लाख व्यापारियों में से पांच जनवरी तक मात्र एक लाख 32 हजार 654 व्यापारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराया। यह स्थिति तब है जब केंद्र ने रजिस्ट्रेशन की तिथि पांच जनवरी तक बढ़ाई थी।
अब प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र ने 10 जनवरी तक तिथि फिर बढ़ाई है। इस बीच वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने इस अवधि में शत-प्रतिशत नामांकन के लिए अफसरों की जिम्मेदारी तय कर दी है और ऐसा न होने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
वाणिज्य कर विभाग में रजिस्टर्ड व्यापारियों को जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया था। विभाग ने इसके लिए हर व्यापारी को पासवर्ड दिया। यह पासवर्ड उनके मोबाइल पर एसएमएस किए गए। इसके जरिए व्यापारियों को जीएसटीएन पोर्टल पर स्वयं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना था। तय तिथि तक पूरे प्रदेश में मात्र 51 हजार व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया तो रजिस्ट्रेशन की तिथि पांच जनवरी तक बढ़ाई गई लेकिन इस अवधि तक भी कुल एक लाख 32 हजार 654 व्यापारियों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया। ऐसी स्थिति में प्रदेश सरकार के दोबारा अनुरोध करने पर विशेष परिस्थितियों में रजिस्ट्रेशन की तिथि 10 जनवरी तक बढ़ा दी गई है।