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प्यार की निशानी देकर अलविदा: कोरोना पीड़ित पति ने तोड़ा दम, कोर्ट ने दिया था स्पर्म एकत्रित करने का आदेश

Fri, 23 Jul 2021 03:33 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वडोदरा

सार

वडोदरा के स्टर्लिंग अस्पताल में उस कोरोना संक्रमित व्यक्ति ने दम तोड़ दिया, जिसकी पत्नी अपने पति से प्यार की निशानी पाने के लिए गुजरात हाईकोर्ट गई थी।
 
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Dead body - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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वड़ोदरा के स्टर्लिंग अस्पताल में भर्ती उस कोरोना पीड़ित ने दम तोड़ दिया, जिसकी पत्नी ने अंतिम क्षणों में उसके प्यार की निशानी पाने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में दस्तक दी थी। कोर्ट के आदेश पर बुधवार को पति के स्पर्म एकत्रित किए गए थे, ताकि वह उसके बच्चे की मां बन सके। 

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मृतक की पत्नी के वकील ने शुक्रवार सुबह कोरोना संक्रमित की मौत की जानकारी दी। 32 वर्षीय इस व्यक्ति के कोरोना संक्रमित हो जाने के बाद कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। वह वडोदरा के स्टर्लिंग अस्पताल में जीवन रक्षक प्रणाली के सहारे मौत से संघर्ष कर रहा था। 

दरअसल, कनाडा की एक महिला ने गुजरात के इस व्यक्ति से अक्टूबर 2020 में शादी की थी। दोनों चार साल से संपर्क में थे। बीते दिनों वह अपने बीमार पिता के इलाज के लिए भारत आया था। उसके साथ पत्नी भी आई थी। पत्नी द्वारा कोर्ट में दायर याचिका के अनुसार ससुर की हृदयाघात से मौत के बाद मेरे पति को कोरोना हो गया। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन 10 मई से तबीयत बिगड़ने पर उन्हें वडोदरा के स्टर्लिंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहां उनकी हालत बिगड़ने लगी तो वेंटिलेटर पर रख दिया गया। 
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वेंटिलेटर पर रखा गया, डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था
पत्नी के अनुसार वेंटिलेटर रखने के बाद भी पति की हालत नाजुक बनी रही। बीते दिनों  डॉक्टरों ने कहा कि मरीज के पास तीन दिन का वक्त बचा है। यह सुन कर पत्नी ने डॉक्टरों से कहा कि मैं अपने पति के प्यार की निशानी चाहती हूं, उनके स्पर्म से गर्भधारण करना चाहती हूं। इस पर डॉक्टरों ने कोर्ट की मंजूरी लेने की बात कही। ऐसे मामलों में कोर्ट की इजाजत से ही स्पर्म लिए जा सकते हैं। 

हाईकोर्ट भी याचिका देख हैरान रह गई थी
डॉक्टरों की सलाह के बाद मरीज की पत्नी ने वकील के जरिए गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपनी मंशा जाहिर की। याचिका में उसने कहा 'मेरे पति मृत्यु शैया पर हैं। मैं उनके स्पर्म से मां बनना चाहती हूं, लेकिन कानूनन में इसकी इजाजत नहीं है। हमारे प्यार की अंतिम निशानी के रूप में मुझे पति के स्पर्म दिलवाने की कृपा करें।' मंगलवार को जब हाईकोर्ट में जज ने यह याचिका देखी तो वे भी हैरान रह गए। कुछ देर विचार के बाद कोर्ट ने महिला के मन में पति के प्रति प्यार और कानून में आस्था को देखते हुए तुरंत पति के स्पर्म लेने की चिकित्सकों को इजाजत दे दी। 

पारसी समुदायों को कोविड मृतकों की परंपरागत अंत्येष्टि की इजाजत नहीं
एक अन्य फैसले में गुजरात हाईकोर्ट ने पारसी समुदाय की वह अर्जी खारिज कर दी, जिसमें इस वर्ग के कोरोना मृतकों की अंत्येष्टि परंपरागत रूप से करने की इजाजत मांगी गई थी। पारसी पंचायत ने मांग की थी कि समाज के कोरोना मृतकों की अंत्येष्टि जरथुस्त्र धर्म की परंपरा के अनुसार करने दी जाए। जस्टिस बेला त्रिवेदी व जस्टिस भार्गव डी करिया की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए  कहा कि इसमें कोई सार नहीं है। हाईकोर्ट ने इस मामले में यूपी की कावड़ यात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणी का भी जिक्र किया। 

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