केंद्र सरकार ने अपने कर्मियों को 'केंद्रीय सिविल सेवा (लीव ट्रैवल कंसेशन) नियम, 1988 के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की यात्रा के लिए एयर ट्रैवल की छूट को दो वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। अब यह छूट 26 सितंबर 2026 से 25 सितंबर, 2028 तक दो साल के लिए जारी रहेगी।
स्पेशल छूट योजना की है ये शर्त
- -सभी योग्य सरकारी कर्मचारी चार साल के ब्लॉक पीरियड में अपने एक 'होम टाउन एलटीसी' को बदलकर पूर्वोत्तर/अंडमान निकोबार/जम्मू कश्मीर/लद्दाख में किसी भी जगह घूमने के लिए एलटीसी का लाभ उठा सकते हैं।
- -जिन सरकारी कर्मचारियों का होम टाउन और हेडक्वार्टर/पोस्टिंग की जगह एक ही है, उन्हें किसी भी 'होम टाउन एलटीसी' को बदलने की अनुमति नहीं है, क्योंकि वे 'होम टाउन एलटीसी' सुविधा के लिए योग्य नहीं हैं।
- -जिस सरकारी कर्मचारी का होम टाउन पूर्वोत्तर/अंडमान निकोबार/जम्मू कश्मीर/लद्दाख में है, उसे भी इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपने 'होम टाउन एलटीसी' को बदलने की अनुमति होगी, ताकि वह ऊपर बताए गए चार क्षेत्रों में से किसी एक क्षेत्र (उस क्षेत्र को छोड़कर जहाँ उसका होम टाउन है) में किसी भी जगह जा सके।
- -नए भर्ती हुए कर्मचारियों को भी चार साल के ब्लॉक में तीन 'होम टाउन एलटीसी' में से एक को बदलने की अनुमति है, ताकि वे पूर्वोत्तर/अंडमान निकोबार/जम्मू कश्मीर/लद्दाख जा सकें। इसके अलावा, उन्हें चार साल के ब्लॉक में जेएंडके/लद्दाख की यात्रा करने के लिए होम टाउन एलटीसी को एक बार और बदलने की अनुमति है।
- -हवाई यात्रा के हकदार सरकारी कर्मचारी डीओपीटी के कार्यालय ज्ञापन नंबर 31011/12/2022-Estt.A-IV में बताई गई शर्तों के अनुसार, अपने हेडक्वार्टर से अपनी हकदारी वाली क्लास में किसी भी एयरलाइन से यह सुविधा ले सकते हैं।
- -हवाई यात्रा के हकदार न होने वाले सरकारी कर्मचारियों को नीचे दिए गए सेक्टरों में किसी भी एयरलाइन से इकोनॉमी क्लास में हवाई यात्रा करने की अनुमति है, बशर्ते वे डीओपीटी के ओएम नंबर 31011/12/2022-Estt.A-IV (दिनांक 29.08.2022) और डीओपीटी के ओएम नंबर 31011/11/2023-Pers. Policy A-IV (दिनांक 20.10.2023) में बताई गई शर्तों का पालन करें।
- -कोलकाता/गुवाहाटी और पूर्वोत्तर क्षेत्र में किसी भी जगह के बीच।
- -कोलकाता/चेन्नई/विशाखापत्तनम और पोर्ट ब्लेयर के बीच।
- -दिल्ली/अमृतसर और जेएंडके/लद्दाख में किसी भी जगह के बीच।
- इन कर्मचारियों (जो हवाई यात्रा के हकदार नहीं हैं) के लिए उनके हेडक्वार्टर से कोलकाता/गुवाहाटी/चेन्नई/विशाखापत्तनम/दिल्ली/अमृतसर तक की यात्रा उनकी हकदारी के अनुसार की जाएगी।
- -सरकारी कर्मचारियों को पूर्वोत्तर, जेएंडके, लद्दाख और अंडमान निकोबार की हवाई यात्रा करने की अनुमति है, चाहे वे 'एनीवेयर इन इंडिया एनटीसी' (भारत में कहीं भी एलटीसी) के तहत छूट का लाभ उठाएं या 'होम टाउन एलटीसी' के बदले में, जैसा कि अनुमति है।
- -जिन सरकारी कर्मचारियों को हवाई यात्रा करने की पात्रता नहीं है, उन्हें भी अपने मुख्यालय से सीधे पूर्वोत्तर, जेएंडके, लद्दाख और अंडमान निकोबार में किसी भी जगह के लिए किसी भी एयरलाइन की इकोनॉमी क्लास में हवाई यात्रा करने की अनुमति है।
सभी मंत्रालयों/विभागों के लिए सलाह
- -सभी मंत्रालयों/विभागों को सलाह दी जाती है कि वे अपने सभी कर्मचारियों को सूचित करें कि एलटीसी का कोई भी गलत इस्तेमाल गंभीरता से लिया जाएगा।
- -कर्मचारियों के खिलाफ नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।
- -एलटीसी के किसी भी तरह के गलत इस्तेमाल पर नजर रखने के लिए, मंत्रालयों/विभागों को सलाह दी जाती है कि वे अधिकारियों द्वारा जमा किए गए कुछ हवाई टिकटों की रैंडम जांच संबंधित एयरलाइंस से करवाएं, ताकि हवाई यात्रा की वास्तविक लागत और टिकट पर दिखाई गई लागत का मिलान किया जा सके।
- -जहां तक भारतीय ऑडिट और अकाउंट्स विभाग में काम करने वाले लोगों का सवाल है, ये आदेश भारत के कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (सीएजी) के साथ सलाह-मशविरे के बाद जारी किए गए हैं, जैसा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 148(5) के तहत जरूरी है।
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