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Gold Smuggling: चीनी सीमा से दिल्ली के बाजार तक आया 800 करोड़ का सोना, ITBP ने जब्त किया था 108 KG फॉरेन गोल्ड

Tue, 09 Sep 2025 07:25 PM IST
रिया दुबे न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय जांच एवं सुरक्षा एजेंसियों ने चीन के बॉर्डर से देश में अवैध रूप से आने वाले विदेशी सोने का लेकर बड़ा खुलासा किया है। जांच में पता चला कि विदेशी मूल के सोने की खरीद के लिए भुगतान, क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से चीनी पक्ष के भु-चुम-चुम को किया जाता था। भारत चीन बॉर्डर पर तैनात आईटीबीपी ने विदेशी मूल के 108 किलोग्राम सोने की जब्ती की थी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI Image- Freepik
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विस्तार
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भारतीय जांच एवं सुरक्षा एजेंसियों ने चीन के बॉर्डर से देश में आने वाले विदेशी सोने की जांच को लेकर कई खुलासे किए हैं। ये एक ऐसा मामला है, जिसमें केंद्रीय अर्धसैनिक बल आईटीबीपी सहित कई एजेंसियां शामिल हैं। 

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800 करोड़ रुपये मूल्य का 1064 किलोग्राम बेचा गया सोना

इस केस को उजागर करने का श्रेय आईटीबीपी को जाता है। आरोपी तेंदु ताशी ने वर्ष 2023 और 2024 के दौरान अपने सोने की तस्करी सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की मदद से चीन सीमा से भारत में 800 करोड़ रुपये मूल्य के 1064 किलोग्राम सोने की सफलतापूर्वक तस्करी की। खास बात है कि ये सोना, दिल्ली के बाजार में बेचा गया।  

चीन बॉर्डर से तस्करी के जरिए सोना, दिल्ली तक लाया जाता था। इस मामले में आईटीबीपी के बाद डीआरआई शामिल हो गई। डीआरआई ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। विदेशी मूल के सोने की खरीद के लिए भुगतान, क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से चीनी पक्ष के भु-चुम-चुम को किया जाता था, जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ।

दिल्ली-एनसीआर में पांच स्थानों पर छापेमारी हुई थी

भारत चीन बॉर्डर पर तैनात आईटीबीपी ने विदेशी मूल के 108 किलोग्राम सोने की जब्ती की थी। डीआरआई के बाद इस केस में प्रवर्तन निदेशालय भी शामिल हो गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), श्रीनगर क्षेत्रीय कार्यालय ने आईटीबीपी द्वारा जब्त विदेशी सोने के मामले में दिल्ली-एनसीआर में पांच स्थानों पर छापेमारी की थी। लद्दाख में भी आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (फेमा) के प्रावधानों के तहत तलाशी ली गई। इसके परिणामस्वरूप आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।

डीआरआई ने 10 लोगों को हिरासत में लिया

इससे पहले डीआरआई की जांच में पता चला कि आरोपी व्यक्ति, लंबे समय से सोने की तस्करी में शामिल थे। 1064 किलोग्राम विदेशी मूल के सोने का लेन-देन किया गया। भुगतान यूएसडीटी/टीथर के माध्यम से किया गया। डीआरआई ने सीओएफईपीओएसए के तहत 10 व्यक्तियों को हिरासत में लिया। वे अभी भी सीओएफईपीओएसए की हिरासत में हैं। जांच में सामने आया कि तस्करी किया गया विदेशी मूल का सोना एक चीनी नागरिक भू-चुम-चुम द्वारा भारत-चीन सीमा (तिब्बत क्षेत्र) के रास्ते भारत में तेंदु ताशी नामक व्यक्ति को अवैध रूप से भेजा जा रहा था।

जांच में हुआ बड़ा खुलासा

जांच में यह भी पता चला है कि तिब्बत निवासी तेनजिन खंडप, भू-चुम-चुम से विदेशी मूल के सोने का नामित प्राप्तकर्ता था। ईडी की जांच में सामने आया कि उसे सोने को भारत-चीन सीमा तक ले जाने और सीमा के चीनी हिस्से में भारतीय कुलियों को सौंपने का काम सौंपा गया था। यह भी पता चला है कि तेंदु ताशी के निर्देश पर, तेनजिन सम्फेल (तेनजिन खंडप के चाचा) ने चीन से 108 किलोग्राम एफओ सोना इकट्ठा करने के लिए दो कुलियों की भर्ती की थी। उनका यह तरीका कामयाब हो गया। तेंदु ताशी ने वर्ष 2023 और 2024 में अपने दूसरे साथियों की मदद से सोने की तस्करी की। चीन सीमा से 800 करोड़ रुपये के मूल्य का 1064 किलोग्राम सोना दिल्ली तक पहुंचा दिया गया। तस्करी का सोना दिल्ली में विभिन्न जौहरियों/व्यापारियों को बेचा जाता था। उक्त विदेशी मूल के सोने की खरीद के लिए भुगतान क्रिप्टोकरेंसी (यूएसडीटी/टीथर) के माध्यम से चीनी पक्ष के भु-चुम-चुम को किया जाता था।

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