पणजी के वास्को स्थित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) ने मंगलवार को भारतीय नौसेना के लिए दो युद्धपोतों पी11356 फ्रिगेट में से पहला युद्धपोत लॉन्च कर दिया। यह युद्धपोत आधुनिक हथियारों से लैस है और इससे नौसेना की ताकत में इजाफा होगा। गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन ने युद्धपोत का जलावतरण किया। वहीं राज्यपाल की धर्मपत्नी रीता पिल्लई ने युद्धपोत को 'त्रिपुट' नाम दिया।
राज्यपाल बोले- नौसेना की भूमिका दिनों-दिन बढ़ रही
युद्धपोत की लॉन्चिंग के मौके पर नौसेना के उप-प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, पश्चिमी कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय सिंह, भारतीय नौसेना के युद्धपोत उत्पादन और अधिग्रहण के नियंत्रक वाइस एडमिरल बी शिवकुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। राज्यपाल ने कहा, 'हमारी नौसेना किसी भी देश की चुनौतियों का सामना करने और अपने देश की संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम है।' उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना की भूमिका दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
'युद्धपोत का जलावतरण हमारी प्रतिबद्धता दर्शाता है'
राज्यपाल ने कहा, 'आज के लगातार बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में राष्ट्रों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। युद्धपोत का जलावतरण हमारे हितों की रक्षा के लिए राष्ट्र की तत्परता और प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रदर्शन है। इस जहाज का जलावतरण एक शक्तिशाली संदेश देता है कि हमारा राष्ट्र शांति और स्थिरता और अपने राष्ट्र की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।' उन्होंने कहा, 'यह किसी भी क्षेत्रीय आक्रमण का जवाब देने के लिए एक मजबूत और सक्षम रक्षा बल को बनाए रखने के लिए हमारे दृढ़ समर्पण को दर्शाता है।'
'हिंद महासागर में भारत एक अहम शक्ति'
वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि भारत की विशाल तटरेखा रणनीतिक रूप से हिंद महासागर तक फैली हुई है। उन्होंने कहा, 'भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में एक अहम शक्ति के रूप में उभर रही है, इसलिए भारतीय नौसेना का आधुनिकीकरण और सर्वोत्तम प्लेटफार्मों, हथियारों और सेंसर से लैस होना हमेशा महत्वपूर्ण है।' स्वामीनाथन ने कहा कि इस जहाज का नाम भारतीय नौसेना की शक्तिशाली तलवार और प्रतीकात्मक अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प और हमला करने की क्षमता के कारण त्रिपुट रखा गया है।
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ब्रजेश कुमार उपाध्याय ने कहा कि शिपयार्ड अपने 67 साल के लंबे इतिहास में पहली बार इतने बड़े जहाज का निर्माण कर रहा है। उन्होंने कहा, 'अभी तक हमने गश्ती जहाज और तेज गश्ती जहाज बनाए हैं। यह पहला बड़ा युद्धपोत है जिसे हम बना रहे हैं।' उपाध्याय ने कहा कि गोवा शिपयार्ड उन कुछ शिपयार्ड की श्रेणी में आ गया है जो युद्धपोत बना सकते हैं। उन्होंने कहा, 'यह जहाज अक्टूबर 2026 में नौसेना सेवाओं में शामिल होने के लिए तैयार हो जाएगा।'