गोवा पुलिस ने बुधवार को पणजी के बाहरी इलाके में पोरवोरिम गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जो अमेरिकी नागरिकों को अपना शिकार बनाता था।
गोवा पुलिस ने बुधवार को पणजी के बाहरी इलाके में पोरवोरिम गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बताया कि यह फर्जी कॉल सेंटर अमेरिकी नागरिकों को अपने जाल में फंसाता था और मौके पर 18 लोगों को गिरफ्तार किया है।
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फर्जी कॉल सेंटर के सरगना अमेरिका में रहते हैं
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस फर्जी कॉल सेंटर के सरगना, सागर मेहतानी और उसकी पत्नी बंसारी तनवानी अमेरिका में रहते हैं। उन्होंने बताया कि गोवा पुलिस की अपराध शाखा ने मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि को पोरवोरिम गांव के टोरदा इलाके में स्थित एक बंगले पर छापा मारा, जिसमें फर्जी कॉल चल रहा था, वहां से 18 लोगों को गिरफ्तार किया।
लोन कंपनी के बहाने ठग रहे थे
आगे अधिकारी ने जानकारी दी कि आरोपी व्यक्ति अमेरिकी नागरिकों का ऋण संबंधी विवरण इकठ्ठा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरोपी व्यक्ति उन्हें ऋण देने के बहाने ई-लोन कंपनी या मर्चेंट कैश एडवांस कंपनी के कर्मचारी बनकर उनके मोबाइल फोन और लैपटॉप पर इंस्टॉल किए गए गूगल वॉयस एप्लिकेशन के माध्यम से कॉल कर रहे थे।
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पीड़ितों को दे रहे सस्ते लोन का ऑफर
साथ ही बताया कि आरोपी पीड़ितों को कॉल करके सस्ता ई-लोन ऑफर कर रहे थे और उनसे प्रोसेसिंग फीस, सुरक्षा जमा राशि के नाम पर ठगी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरोपी ग्राहकों को गूगल पे, अमेजन पे, एपल पे या इसके अतिरिक्त गिफ्ट कार्ड/वॉलमार्ट गिफ्ट कार्ड का उपयोग करके ऑनलाइन भुगतान मोड के माध्यम से प्रोसेसिंग शुल्क/सुरक्षा जमा का भुगतान करने का निर्देश दे रहे थे।
हवाला के जरिए अमेरिका पहुंचाई जा रही ठगी की राशि
अधिकारी ने कहा कि ठगी गई राशि को अमेरिका में एजेंटों द्वारा भारत में हवाला के माध्यम से मुख्य आरोपी सागर मेहतानी को हस्तांतरित किया जाता था। सागर मेहतानी और उनकी पत्नी बंसारी तनवानी मुख्य आरोपी व्यक्ति हैं और फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। पुलिस ने कहा कि आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।