महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) ने सोमवार को घोषणा की कि वह आगामी गोवा विधानसभा चुनाव ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साथ गठबंधन में लड़ेगी। इस गठबंधन ने सत्तारूढ़ भाजपा से मुकाबला करने के लिए अपने मुख्य चुनावी मुद्दे के रूप में सुशासन की वकालत की है। गोवा की सबसे पुरानी क्षेत्रीय पार्टी और टीएमसी के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की 13 दिसंबर को तटीय राज्य की यात्रा से ठीक पहले गठबंधन हुआ है।
धवलीकर बोले, गोवा में भाजपा के खिलाफ लहर
एमजीपी अध्यक्ष दीपक धवलीकर ने संवाददाताओं से कहा कि गठबंधन के ब्योरे की घोषणा बाद में की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां 40 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा करेंगी। उन्होंने दावा किया कि गोवा में भाजपा के खिलाफ लहर है और दोनों पार्टियां 2022 की शुरुआत में संभावित चुनावों में इसका फायदा उठाने की कोशिश करेंगी।
टीएमसी सांसद और गोवा डेस्क प्रभारी महुआ मोइत्रा ने कहा कि ममता बनर्जी के निर्धारित दौरे से पहले गठबंधन का ब्योरा सार्वजनिक किया जाएगा। इससे पहले दिन में धवलीकर ने कहा कि एमजीपी की केंद्रीय समिति ने गोवा की राजनीति में एक नए खिलाड़ी टीएमसी के साथ गठबंधन करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा बाद में की जाएगी।
धवलीकर ने कहा कि दोनों दलों ने लोगों को सुशासन प्रदान करने के लिए हाथ मिलाया है। भाजपा के खिलाफ लहर चल रही है। लोग बदलाव चाहते हैं और हम राज्य में सरकार बनाने में सक्षम होंगे। धवलीकर ने कहा कि यह धारणा बनाई जा रही है कि एमजीपी के पास अपनी पूर्व सहयोगी भाजपा से हाथ मिलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।