पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
गोवा पुलिस ने इस घटना के बाद क्लब के चीफ जनरल मैनेजर राजीव मोदक, जनरल मैनेजर विवेक सिंह, बार मैनेजर राजीव सिंहानिया और गेट मैनेजर रियांशु ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही नाइट क्लब के मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के अलावा आयोजकों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई। इसके अलावा दिल्ली से नाइट क्लब के एक कर्मचारी भरत कोहली की भी गिरफ्तारी हुई है।
मामले में गोवा सरकार के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इनमें एक पंचायत निदेशक शामिल रहे, जिन्होंने 2023 में नाइट क्लब को शुरू कराने में भूमिका निभाई थी। सरकार ने दक्षिण गोवा के कलेक्टर, दमकल-आपात सेवाओं के उपनिदेशक और फॉरेंसिक लैब के निदेश को शामिल कर एक जांच पैनल का गठन कर दिया। यह पैनल एक हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
Goa Fire: सौरभ-गौरव लूथरा के नाइट क्लब पर चलेगा बुलडोजर, इंटरपोल ने जारी किया ब्लू कॉर्नर नोटिस
नाइट क्लब के मालिक कौन हैं?
इस नाइट क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा हैं। क्लब की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सौरभ लूथरा एक गोल्ड मेडलिस्ट इंजीनियर हैं, जो कि बाद में आंत्रप्रेन्योर बन गए और रेस्तरां के बिजनेस से जुड़े हैं। यह भी दावा किा गया है कि 2023 में सौरभ को आदर्श रेस्तरां मालिक का अवॉर्ड भी मिला और पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं।
सौरभ का जन्म दिल्ली में हुआ है, उनके पास कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री है। सौरभ ने बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर के तौर पर काम करने के बाद व्यापार का रास्ता चुना। उन्होंने सबसे पहले पूर्वोत्तर दिल्ली में एक कैफे-लाउंज- मामाज बॉय शुरू किया। इसके बाद उन्होंने हडसन लेन में ड्रामेबाज नाम का एक बार भी चलाया। हालांकि, यह रोमियो लेन ही था, जिसने लूथरा भाइयों को पहचान दिलाई। सौरभ और गौरव ने मिलकर अपने रेस्तरां-बार को 30 से ज्यादा शहरों तक पहुंचाया है। इनमें दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गोवा, भोपाल, इंदौर, देहरादून, लखनऊ शामिल हैं। दुबई में भी इनका एक रेस्ट्रोबार है।
दोनों भाई गोवा में रोमियो लेन के अलावा और भी रेस्तरां चलाते हैं। बर्च बाय रोमियो लेन को दोनों ने भारत का पहला द्वीपीय बार कहकर प्रचारित किया था। इनका घर उत्तर दिल्ली के आउट्रम लेन में है, जो कि जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन के करीब है।
यह संस्था वैश्विक स्तर पर अपराधों और वांछित अपराधियों की जानकारी साझा करती है और भगोड़ों को पकड़ने के लिए तकनीकी, अभियानगत और जांच से जुड़ी मदद मुहैया कराती है। इसके अलावा यह एजेंसी वांछित अपराधियों का जरूरी डाटा भी प्रबंधित करती है, जिससे इसके सदस्य देश वांछितों को पकड़ सकें। इंटरपोल का हर सदस्य देश में एक राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो भी है, जो कि उस देश की कानूनी एजेंसियों और इंटरपोल के बीच संपर्क के तौर पर काम करता है। भारत में सीबीआई को इंटरपोल की संपर्क एजेंसी के तौर पर स्थापित किया गया है। इसलिए किसी भी वांछित व्यक्ति या संगठन के खिलाफ नोटिस के लिए पुलिस और सरकार को इस एजेंसी के जरिए ही इंटरपोल तक जाना पड़ता है।