गोवा में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की सरकार में पूर्व कांग्रेस नेता एलेक्सो सिकेरा को मंत्री बनाया गया है। एक साल पहले भाजपा में शामिल हुए सिकेरा पूर्व कैबिनेट मंत्री नीलेश काब्रल की जगह लेंगे। काब्रल ने अपने त्याग पत्र में बताया कि उन्होंने कांग्रेस सदस्यों के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता को बनाए रखने के लिए पद छोड़ने का फैसला लिया।
बता दें कि वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने पार्टी में शामिल हुए कांग्रेस सदस्यों को समुचित सम्मान देने का एलान किया था। कैबिनेट मंत्री के रूप में इस्तीफा देने वाले काब्रल ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे प्रतिबद्धता का सम्मान करने का अनुरोध किया और इस प्रकार, उन्होंने पार्टी के हितों के लिए अपना मंत्री पद छोड़ दिया।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री नीलेश काब्रल के इस्तीफे के बाद प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में सिकेरा को शामिल किया जाएगा। नुवेम के विधायक एलेक्सो सिकेरा उन आठ 'दलबदलू' विधायकों में से एक हैं, जो पिछले साल सितंबर में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
19 नवंबर को मुख्यमंत्री कार्यालय को लिखे एक पत्र में, नीलेश काब्रल ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री सहित पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों के अनुरोध पर अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा, "भारी मन से मैं पीडब्ल्यूडी, पर्यावरण, विधायी मामलों, कानून और न्यायपालिका विभागों में मंत्री के सम्मानित पद से इस्तीफा दे रहा हूं। आपने मुझे जो निरंतर समर्थन और विश्वास सौंपा है, उसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं।"
कैब्राल ने कहा, "यह पार्टी का निर्णय है कि मुझे मंत्री पद छोड़ना होगा। कुछ कांग्रेस नेता भाजपा में शामिल हुए। वरिष्ठ नेताओं ने मुझे बुलाया और कहा कि उनकी प्रतिबद्धता बनाए रखने के लिए मुझे बलिदान देना होगा। उनके अनुरोध के आधार पर, मैंने इस्तीफा दे दिया है।" उन्होंने कहा, अपने कार्यकाल के दौरान गोवा के लोगों की सेवा करने के लिए मिले अमूल्य अवसरों और समर्थन के लिए वह पार्टी के प्रति आभारी हैं।
उन्होंने कहा, ''मैं भाजपा का वरिष्ठ नेता हूं, मेरी वरिष्ठता के बारे में कोई संदेह नहीं है। मुझे यकीन है कि पार्टी के मन में उनकी भूमिका के बारे में जरूर कुछ होगा। कैब्राल के इस्तीफे पर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि कैब्राल ने पार्टी हित में इस्तीफा दिया और राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। बता दें कि कर्चोरेम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले कैब्राल के पास कानून और न्यायपालिका, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन और विधायी मामलों के विभाग भी थे।