गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को कहा कि राज्य में अपराध के लिए प्रवासी मजदूरों के जिम्मेदार होने संबंधी उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। उन्होंने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अगर किसी राज्य या किसी राज्य के मजदूरों को इससे चोट पहुंची है तो उन्हें इसका अफसोस है।
जद (यू) के एक नेता ने सावंत के खिलाफ बुधवार को पटना में एक मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि सावंत ने कथित तौर पर कहा कि गोवा में 90 फीसदी अपराध उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रवासी मजदूरों ने किए हैं।
सावंत ने दावा करते हुए कहा कि उन्होंने एक मई को मजदूर दिवस के दौरान कोंकणी में बात की थी। इस अवसर पर उन्होंने सभी राज्यों के मजदूरों को सम्मानित किया। कोंकणी में उनके भाषण को कुछ राजनेताओं ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने कहा कि जो लोग उनके भाषण के बारे में बोल रहे हैं, उन्हें वीडियो देखना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'अगर जाने-अनजाने किसी राज्य के मजदूरों को चोट पहुंची है तो मैं खेद प्रकट करता हूं। उन्होंने कहा कि देशभर से मजदूर गोवा आते हैं और राज्य सरकार ने उनके लिए श्रम कार्ड अनिवार्य कर दिया है ताकि उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि ये कार्ड गोवा में अपराध करने वाले व्यक्ति का पता लगाने में भी मदद करेंगे।