बांदोडकर, परिकर की विरासत आगे ले जा रहे हैं
यहां से उन्होंने अगले साल फरवरी में निर्धारित विधानसभा चुनावों के लिए अपने चुनाव प्रचार अभियान की औपचारिक रूप से शुरुआत की। उन्होंने कहा कि हम पूर्व दिवंगत मुख्यमंत्रियों दयानंद बांदोडकर, मनोहर परिकर और अन्य नेताओं की विरासत को आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने भाजपा के पूर्व सहयोगी दल महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) पर भी हमला बोला और गंभीर आरोप लगाए।
'एमजीपी ने अपने मूल्यों के साथ समझौता किया'
एमजीपी पर सावंत ने आरोप लगाया कि इसने राज्य के बाहर से आने वाली पार्टी से हाथ मिलाकर अपने मूल्यों के साथ समझौता किया है। एमजीपी ने आगामी चुनावों के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी के साथ गठबंधन किया है। टीएमसी के अलावा दिल्ली में सत्ताधारी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी भी चुनावी समीकरण में शामिल है।
'हमें अपरिपक्व कहा गया था फिर भी हम जीते थे'
सावंत ने कहा, 'हमारी टीम में हर सदस्य की उम्र 50 वर्ष से कम है। 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान लोग मुझे और युवा भाजपा समर्थकों को अपरिपक्व कहा गया था। कुछ वरिष्ठ लोग पूछले हैं कि मैं इन अपरिपक्व साथियों के साथ चुनाव कैसे जीत पाया। हमारी टीम में हर व्यक्ति की आयु 50 वर्ष से कम है। लेकिन हम चुनाव जीते।' प्रमोद सावंत संखालिम सीट से दो बार जीत दर्ज कर चुके हैं।
10-14 फरवरी के बीच आयोजित हो सकते हैं चुनाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के लिए केवल 40 दिन का समय बचा है और इनका आयोजन 10 से 14 फरवरी के बीच किया जा सकता है। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री होने के तौर पर मुझे अन्य उम्मीदवारों के प्रचार के लिए पूरे राज्य का दौरा करना होगा। हो सरता है कि मैं अपने ही विधानसभा क्षेत्र में सभी मतदाताओं तक न पहुंच पाऊं। ऐसी स्थिति में पार्टी कार्यकर्ता मतदाताओं से मिलें और उन्हें हमारे कामों के बारे में जागरूक करें।