जेल के एक अधिकारी ने कहा कि मई 2021 में जब कोरोना ने एक बार फिर कहर बरपाना शुरू किया था, तब उत्तरी गोवा के कोलवाले में स्थित राज्य की एकमात्र केंद्रीय जेल में आधे से अधिक दोषियों को भीड़भाड़ से बचने के लिए पैरोल पर रिहा कर दिया गया था।
कोरोना के मद्देनजर भीड़ को कम करने के लिए पिछले साल मई में गोवा की जेल से 61 दोषियों को पैरोल पर रिहा किया गया था। इसमें से 18 दोषी समय से पहले खुद ही लौट आए हैं, जबकि 43 अन्य अब भी पैरोल पर हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जेल में लौटे कैदियों ने सामाजिक दबाव और आर्थिक तंगी समेत कई कारणों की वजह से ऐसा किया है।
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जेल के एक अधिकारी ने कहा कि मई 2021 में जब कोरोना ने एक बार फिर कहर बरपाना शुरू किया था, तब उत्तरी गोवा के कोलवाले में स्थित राज्य की एकमात्र केंद्रीय जेल में आधे से अधिक दोषियों को भीड़भाड़ से बचने के लिए पैरोल पर रिहा कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि कुल 110 में से 61 दोषियों को जेल में उनके आचरण के आधार पर पैरोल दी गई थी। उनमें से अब तक 18 पैरोल की अवधि पूरी होने से पहले ही जेल लौट आए हैं।
अधिकारी ने बताया कि शेष कैदी अब भी पैरोल पर हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों को दी गई पैरोल की अवधि कई बार बढ़ाई जा चुकी है। एक समिति जल्द ही पैरोल पर फैसला करने के लिए एक बैठक करेगी। इसे अधिकतम और एक महीने के लिए बढ़ाया जा सकता है। एक बार यह समयसीमा समाप्त हो जाने के बाद दोषियों को जेल लौटना होगा।
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उन्होंने कहा कि विचाराधीन कैदियों को आजादी नहीं दी गई थी, हालांकि कई मामलों में अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी थी और आदेश के आधार पर उन्हें एक या दो महीने के लिए जेल से बाहर रहने की अनुमति दी गई थी। जेल प्रबंधन ने कोरोना पाबंदियों के कारण कैदियों के रिश्तेदारों को सप्ताह में दो बार उनसे मिलने की अनुमति देने की प्रथा को रोक दिया है।