कांग्रेस ने गुलाम नबी आजाद द्वारा पार्टी नेतृत्व की आलोचना करने पर शुक्रवार को पलटवार किया। पार्टी ने उनके इस्तीफे को उनके राज्यसभा कार्यकाल के अंत से जोड़ा और आरोप लगाया कि उनके विश्वासघात से उनके असली चरित्र का पता चलता है और उनका डीएनए 'मोडी-फाइड' है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, एक व्यक्ति जिसके साथ कांग्रेस नेतृत्व द्वारा सबसे अधिक सम्मान के साथ व्यवहार किया गया है, उसने अपने शातिर व्यक्तिगत हमलों से धोखा दिया है जो उसके असली चरित्र को उजागर करता है। जीएनए (गुलाम नबी आजाद) का डीएनए 'मोडी-फाइड' है।
आप एक पल भी पद के बिना नहीं रह सकते थे : पवन खेड़ा
पत्रकारों से बात करते हुए पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेरा ने भी आजाद पर निशाना साधा और उनके इस्तीफे को उनके राज्यसभा कार्यकाल के अंत से जोड़ा। खेरा ने कहा, "जैसे ही आपका राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त हुआ, आप बैचेन हो गए। आप एक पल के लिए भी एक पद के बिना नहीं रह सकते थे।"
आजाद ने शुक्रवार को संगठनात्मक चुनावों से पहली अपनी प्राथमिक सदस्यता सहित पार्टी के के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया और नेतृत्व पर पार्टी के आंतरिक चुनावों के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने अपने इस्तीफे में राहुल गांधी की भी कड़ी आलोचना की।
इस्तीफे पर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने क्या कहा?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि राहुल गांधी हमारे नेता हैं और रहेंगे। हमने राहुल गांधी के साथ हमारा लेन-देन का रिश्ता नहीं है। पार्टी के लिए कुछ करना हमारा कर्तव्य है। यह सही नहीं है कि जो लोग पार्टी से इतने लंबे समय तक जुड़े रहे, वे इतनी छोटी सी बात पर उसे छोड़ देते हैं।
खुर्शीद ने आगे कहा कि ऐसा नहीं है कि हम कही नहीं जा सकते लेकिन हम नहीं जाएंगे और पार्टी के साथ रहेंगे। हम पार्टी के साथ इस देश का भविष्य देखते हैं और उम्मीद करते हैं कि पार्टी का उत्थान होगा।
गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे को लेकर खुर्शीद ने कहा, आज ऐसी क्या बात हो गई कि वह नाराज हो गए? किसी बात पर उठकर चले जाना ठीक नहीं है। हमारी पार्टी की जो सोच है और अगर उस सोच को भुलाकर अगर कोई एकदम से नया रास्ता अपना रहा है, उसको वह रास्ता मुबारक। हम जैसे लोग पार्टी में नहीं जाएंगे।
खड़गे ने यह कहा
गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज मुसीबत में है, सबको भाजपा और RSS के खिलाफ लड़ना है। लड़ाई के समय युद्ध से भागना पार्टी के साथ धोखा है। पार्टी ने उन्हें सब कुछ दिया है। ऐसे समय में आपका फर्ज़ है उस कर्ज़ को चुकाना।
तीन दिन पहले ही सरकार की तरफ से एक्सटेंशन मिला
सूत्रों की मानें तो गुलाम नबी आजाद के दिल्ली स्थित साउथ एवेन्यू के आवास को तीन दिन पहले ही सरकार की तरफ से एक्सटेंशन मिला है। ऐसे में उनके इस्तीफे के बाद से सियासी गलियारे में नई अटकलों को भी बल दे दिया है