युनाइटेड नेशंस ने पूरी दुनिया में न्यूक्लियर वेपन्स पर बैन के लिए 120 देशों द्वारा लाए गए समझौते को अपना लिया है। हालांकि इसका न्यूक्लियर वेपन्स से लैस देशों ने तीखा विरोध किया, पर इस ग्लोबल ट्रीटी को पास होने से नहीं रोक सके। खास बात ये है कि जापान जैसे देश, जिसने न्यूक्लियर वॉर की तबाही झेली है, उसने भी इस ट्रीटी का बायकॉट किया।
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न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक भारत, पाकिस्तान, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इजरायल, नॉर्थ कोरिया, रूस ने इस ट्रीटी का बायकॉट किया, साथ ही ऑस्ट्रोलिया ने भी इसका बायकॉट किया। पर सबसे चौंकाने वाला नाम जापान का रहा, जो न्यूक्लियन वेपन्स की तबाही झेलने के बाद भी न्यूक्लियर वेपन्स को रोकने के लिए लाए गए इस ट्रीटी के विरोध में रहा।
Global treaty banning nuclear weapons adopted at UN: AFP
— ANI (@ANI_news) July 7, 2017
मौजूदा समय में दुनिया में 15000 से ज्यादा परमाणु हथियारों के होने की बात कही जा रही है, जिसमें से अधिकांश हथियार अमेरिका और रूस के पास हैं। इस ट्रीटी के पास होने के बाद भी पूरी दुनिया न्यूक्लियर वेपन्स के खतरे से मुक्त हो जाएगी, इसपर संदेह ही है।
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इस अभियान की अगुवाई ऑस्ट्रिया, ब्राजील, मैक्सिको, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड ने की। करीब 3 सप्ताह तक चली बहस के बाद दुनिया के 141 देशों ने इसमें हिस्सा लिया। इसके तहत सभी देशों को न्यूक्लियर वेपन्स न सिर्फ हटाने हैं, बल्कि न्यूक्लियर वेपन्स के नाम पर डराने धमकाने पर भी रोक लगनी है।
कोस्टारिका के एंबेसडर एलायेन गोमेज ट्रीटी पर यूएन कांफ्रेंस के प्रेसीडेंट रहे। उन्होंने कहा कि इस पल का इंतजार 70 सालों से था, ताकि दुनिया के किसी भी हिस्से की इंसानियत फिर से वो तबाही न झेले।