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Global Nursing Award: प्रतिष्ठित अवार्ड की रेस में अंडमान की नर्स शामिल, भारत सरकार से मिल चुका है पद्म श्री

Fri, 12 May 2023 05:36 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पिछले कुछ वर्षों से अंडमान-निकोबार में शांति आदिम जनजातियों के लिए काम कर रही है। प्रतिष्ठित ग्लोबल नर्सिंग अवार्ड 2023 के लिए वो टॉप-10 विजेताओं में से एक हैं।
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Global Nursing Award - फोटो : Social Media
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विस्तार
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कोविड महामारी के दौरान एक 49 वर्षीय नर्स शांति टेरेसा लकरा चक्रवाती के बीच डोंगी के सहारे तिरूर द्वीप तक यात्रा करते हुए जारवा जनजाति को टीका लगाने पहुंची थी। 
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जीबी पंत अस्पताल में नर्स का काम करने वाली शांति को प्रतिष्ठित ग्लोबल नर्सिंग अवार्ड 2023 से सम्मानित किया गया है। दो साल पहले एक छोटी सी मेडिकल टीम का नेतृत्व करते हुए शांति की डोंगी जब आंधी में फंस गया था तो उन्हें ऐसा लगा कि शायद वह अपने काम में नाकाम हो जाएगी। 

उन्होंने लंदन में कहा- "हमें लगा था कि हम डूब जाएंगे, लेकिन ईश्वर की कृपा रही और हम अपने गणतव्य तक पहुंच गए। वहां पहुंचकर हमने जारवा जनजाति का टीकाकरण किया। महामारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जानकारी देने में सफल रहे।" 
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पिछले कुछ वर्षों से अंडमान-निकोबार में शांति आदिम जनजातियों के लिए काम कर रही है। प्रतिष्ठित ग्लोबल नर्सिंग अवार्ड 2023 के लिए वो टॉप-10 विजेताओं में से एक थी। शांति 2004 में लाइमलाइट में आई थी जब वह सुनामी के दौरान ओंग आदिवासियों के राहत सहायता के लिए जुटी थी। 

शांति को तीन मई को एक फोन आया था, जिसमें उन्हें बताया गया कि उन्हें प्रतिष्ठित ग्लोबल नर्सिंग अवार्ड 2023 के लिए नामांकित किया गया है। उन्होंने कहा- "पुरस्कार समारोह आज शाम सात बजे लंदन के एलिजाबेथ हॉल में दिया जाएगा। मैं यह जानने के लिए बेहद उत्साहित हूं कि पहला इनाम किसे दिया जाएगा। मैं अपने माता-पिता, पति, बच्चे और बड़ी बहन की आभारी हूं।"

उन्हें 202 देशों से भेजे गए 52,000 प्रविष्टियों में से चुना गया है, उनमें से 13,156 भारतीय थे। प्रथम पुरस्कार के तौर पर दो करोड़ रुपये से अधिक दिया जाएगा। बता दें कि 2011 में शांति को अंडामान निकोबार के आदिवासियों के लिए निस्वार्थ भाव से काम करने के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। 
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