गोपीनाथ ने तीन साल के लिए वॉशिंगटन स्थित वैश्विक ऋणदाता की पहली महिला मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में कार्य किया था। उनका शोध कई शीर्ष अर्थशास्त्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुका है।
भारत में जन्मी गीता गोपीनाथ अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की 'पूर्व मुख्य अर्थशास्त्रियों की दीवार' पर प्रदर्शित होने वाली पहली महिला और दूसरी भारतीय बनी हैं। सम्मान प्राप्त करने वाले पहले भारतीय रघुराम राजन थे जो 2003 और 2006 के बीच आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री और अनुसंधान निदेशक थे। गोपीनाथ को अक्टूबर 2018 में आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में नियुक्त किया गया था और बाद में उन्हें पिछले साल दिसंबर में आईएमएफ के पहले उप प्रबंध निदेशक के रूप में पदोन्नत किया गया था।
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उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ट्रेंड तोड़कर मैं आईएमएफ के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्रियों की दीवार में शामिल हो गई। गोपीनाथ ने तीन साल के लिए वॉशिंगटन स्थित वैश्विक ऋणदाता की पहली महिला मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में कार्य किया था। गोपीनाथ का शोध कई शीर्ष अर्थशास्त्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुका है। आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में अपनी नियुक्ति से पहले वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन और अर्थशास्त्र के जॉन ज्वानस्ट्रा प्रोफेसर थीं। 2005 में हार्वर्ड विश्वविद्यालय के संकाय में शामिल होने से पहले वह शिकागो विश्वविद्यालय के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में अर्थशास्त्र की सहायक प्रोफेसर थीं।